खेत में मां के शव के पास जीवित मिली बच्ची, 1 हफ्ते से बिना खाए पिए पड़ी रही डेढ़ साल की मासूम
लखनऊ
वो कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी 'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय' ये कहावत बुधवार को सच साबित हुई है. बागपत जनपद पुलिस ने गन्ने के खेत से एक सप्ताह पुराने महिला के शव के पास से उसकी लगभग डेढ़ साल की बच्ची को जिंदा बरमाद किया है. हत्यारों ने बच्ची को भी मारने की कोशिश की और बच्ची को मरा समझकर लाश के पास छोड़ दिया था. लेकिन किस्मत ने उसे बचा लिया.
मृतक महिला व उसकी बच्ची कहां की रहने वाली है, इसकी शिनाख़्त अभी तक नहीं हो पाई है. फिलहाल पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. जबकि बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर बच्ची का इलाज़ कर रहे हैं. पुलिस बच्ची के स्वास्थ होने का इंतजार कर रही है. साथ ही शिनाख़्त करा मामले की तफ़्तीश में जुट गई है.
दरअसल मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के ढ़िढोरा गांव का है, जहां सुबह के वक्त खेत पर गए एक किसान ने बच्ची को घायल अवस्था में पड़े देखा. बच्ची की हालत बेहद गम्भीर थी और बेसुध पड़ी थी. कुछ ही दूरी पर किसान को बच्ची की मां का शव भी पड़ा मिला. जिसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को डेमेज किया गया था. शव बुरी तरह से सड़ा हुआ था, देखने से शव करीब 1 हफ्ता पुराना लग रहा था. इसकी सूचना उसने आसपास के किसनों और पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया.
वहीं जब पुलिस ने बच्ची को देखा तो उसकी सांसें चल रहीं थीं. जिसे तुरन्त हॉस्पिटल भेजा गया. बच्ची के शरीर पर भी जख्मों के निशान थे. वहीं ग्रामीण यशपाल की माने तो बच्ची अपनी मां के शव के पास से खिसकते खिसकते खेत की मेढ़ तक पहुंच गई. लेकिन एक हफ्ते तक भूखी प्यासी खेत में पड़े रहने और जंगली जनवरों का डर, ऐसे में बच्ची का बचना करिश्मा है
बड़ौत के सीओ रामानंद कुशवाहा का कहना है कि पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टर उसके इलाज में जुटे हैं. बच्ची की हालत फिलहाल ठीक है. महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पुलिस महिला की शिनाख्त में जुटी है.
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