तो क्या इस रविवार देश फिर सुनेगा PM मोदी के ‘मन की बात’?
नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव खत्म हो गया है. आचार संहिता भी खत्म हो गई है. यानी अब देश एक बार उसी स्थिति में पहुंच जाएगा, जहां दो महीने पहले था. सरकार भी नहीं बदली और प्रधानमंत्री भी नरेंद्र मोदी हैं. आज शुक्रवार है और दो दिन बाद मई महीने का आखिरी रविवार भी है. लेकिन एक सवाल है.. क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रविवार को देश की जनता से अपने ‘मन की बात’ करेंगे?
ये सवाल इसलिए है क्योंकि मार्च, अप्रैल और अब मई तक देश में आचार संहिता लागू थी ऐसे में वह मन की बात नहीं कर रहे थे. अपनी आखिरी मन की बात यानी 24 फरवरी को उन्होंने ऐलान किया था कि अब मई के आखिरी रविवार को ही मन की बात करेंगे. तब राजनीतिक विश्लेषकों ने उनपर सवाल किया था कि क्या नरेंद्र मोदी को इतना विश्वास है कि वह दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे.
आखिरी मन की बात में क्या बोले थे PM?
24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो मन की बात संबोधित की थी, उसमें उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी थी. इस मन की बात के दो दिन बाद ही भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी.
इसी मन की बात में उन्होंने कहा था, ‘...मार्च महीने में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, वह भी इस बार बतौर प्रत्याशी चुनाव में जा रहे हैं. ऐसे में जब आचार संहिता लागू होगी तो वह मन की बात नहीं कर पाएंगे. लोकतंत्र का सम्मान करते हुए अगली मन की बात मई महीने के आखिरी रविवार को करेंगे.’
26 मई के साथ एक और कनेक्शन भी जुड़ा है. 26 मई 2014 को ही नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. ऐसे में नरेंद्र मोदी इस दिन फिर जनता से अपने मन की बात कर सकते हैं.
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