सड़क किनारे खड़ी बहनों और बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रुकवाई गाड़ी

सड़क किनारे खड़ी बहनों और बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रुकवाई गाड़ी

भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 29 अगस्त को बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे कोरका-बोंदारी क्षेत्र का दौरा कई आत्मीय और भावुक पलों का साक्षी बना। बीमारी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव वापस लांजी की ओर लौट रहे थे, तभी ग्राम देवरबेली में सड़क किनारे खड़ी बहनों और बच्चों को देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया।

मुख्यमंत्री के अचानक गाड़ी रुकवाने और ग्रामीणों के बीच पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रामीणों के बीच पहुंचे और बहनों एवं बच्चों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। रक्षाबंधन के अवसर पर जनजाति बहुल गांव की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी और उन्हें शुभाशीष दिया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के स्नेह और आशीर्वाद को आत्मीयता से स्वीकार किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से सहज संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने गांव और क्षेत्र से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की बातें गंभीरता से सुनीं और आवश्यक कार्यवाही के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

पहली बार मुख्यमंत्री के पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह

ग्राम देवरबेली के ग्रामीण इस बात से बेहद प्रसन्न और प्रभावित नजर आए कि उनके क्षेत्र में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का आगमन हुआ है। मुख्यमंत्री का अचानक उनके बीच पहुंचना ग्रामीणों के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं था। विशेषकर बहनों और बच्चों में मुख्यमंत्री से मिलने तथा उन्हें राखी बांधने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री का सड़क किनारे रुककर सीधे उनके बीच आना यह दर्शाता है कि सरकार गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भावनाओं और समस्याओं को समझने के लिए उनके बीच पहुंच रही है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने ग्रामीणों के बीच अपनत्व और विश्वास की भावना को और मजबूत किया।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देवरबेली की बहनों के बीच हुआ यह आत्मीय संवाद क्षेत्र के लोगों के लिए यादगार बन गया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के स्नेह, राखी और आशीर्वाद को क्षेत्र की मातृशक्ति का स्नेह बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।