यहां टिकट के लिए घमासान, दो पूर्व मंत्रियों के बीच वर्चस्व की जंग

यहां टिकट के लिए घमासान, दो पूर्व मंत्रियों के बीच वर्चस्व की जंग

शाजापुर
कांग्रेस का गढ़ रही शाजापुर सीट पर जहां पार्टी इस बार वापस कब्जा बनाने की कोशिश में है, वहीं क्षेत्र में दो दिग्गज नेताओं की वर्चस्व की लड़ाई सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है| वर्तमान में इस सीट पर बीजेपी के अरुण भीमावद विधायक हैं,  कांग्रेस के हुकुम सिंह कराड़ा यहां लगातार 25 साल तक विधायक रहे|  दिग्विजय सिंह सरकार में सज्जनसिंह वर्मा और हुकुमसिंह कराड़ा मंत्री रह चुके हैं।

चुनाव से पहले यहां दोनों नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है| लगातार छह बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हुकुमसिंह कराड़ा सातवीं बार भी दावेदारी कर रहे हैं, वहीं वर्मा गुट भी सक्रिय है और दिल्ली तक जोर आजमाइश जारी है| समर्थकों के बीच भी सोशल मीडिया पर तीखी बहस चल रही है। ऐसे में चुनाव से पहले टिकट की लड़ाई दिलचस्प हो गई है।

दिग्विजय सरकार में सज्जनसिंह वर्मा और हुकुमसिंह कराड़ा मंत्री रह चुके हैं। वर्मा देवास-शाजापुर संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे, इसलिए उनका दखल शाजापुर-आगर जिले में भी खासा है। पिछले 10 साल में जिले में कांग्रेस में वर्मा गुट भी बन गया, जो अब दूसरे गुटों को मात देने में जुटा है। इधर, कराड़ा की राजनीति जिले से ही शुरू हुई। लगातार छह बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और सातवीं बार भी दावेदारी कर रहे हैं।  इस बार यहां वर्मा गट सक्रिय है और टिकट के लिए दिल्ली तक जोर लगाया जा रहा है|

कांग्रेस में दोनों नेताओं का दबदबा है, अपने अपने नेताओं से यह टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं, वहीं क्षेत्र की सियासत में चर्चा जोरो पर है, दोनों पूर्व मंत्रियों में से जिसे टिकट मिलेगा, उसका जिले की राजनीति में दबदबा बढ़ जाएगा। टिकट बंटवारे से पहले सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म है|

दिग्विजय सरकार में ऊर्जा मंत्री रह चुके हुकुमसिंह कराड़ा फिर से टिकट मांग रहे हैं। पिछले चुनाव में कराड़ा को हार का सामना जरूर करना पड़ा था, लेकिन उनकी हार का अंतर काफी कम था। ऐसे में फिर से उन्होंने टिकट के लिए अपनी ताल ठोक दी है। कराड़ा के टिकट की राह में सबसे बड़ा रोड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामवीरसिंह सिकरवार है। सिकरवार पूर्व सांसद सज्जनसिंह वर्मा के करीबी हैं|