जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, करीब 160 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई
बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग एवं स्टॉक संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई
जयपुर। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जीएसटी राजस्व में अनियमितताओं, कर अपवंचना, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) एवं बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने जैसी गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 18 सितम्बर, 2026 को प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर करदाताओं के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे/निरीक्षण किया गया।
विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 7 प्रतिष्ठानों में प्रथम दृष्टया लगभग 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा 70.59 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई है। कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं रिकॉर्ड भी जब्त/अभिलेखित किए गए हैं तथा आगे की जांच जारी है।
जयपुर के प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लॉक क्रेडिट/ITC रिवर्सल के संबंध में निरीक्षण कार्रवाई की गई। मामले में लगभग 21.60 लाख रूपए की संभावित देनदारी सामने आई, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 4.74 लाख रुपए जमा कराए गए, जिसमें 1 लाख रूपए ITC तथा 3.74 लाख रूपए नकद शामिल है। पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।
अजमेर के M/s Arsh Fashion Couture LLP के यहां टेक्सटाइल कारोबार में स्टॉक एवं टर्नओवर संबंधी अनियमितताओं की जांच की गई। भौतिक स्टॉक के सत्यापन में घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। मौके से लूज पेपर एवं रजिस्टर/नोटबुक सहित संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए। मामले में लगभग 15 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए हैं।
बोरावड़, डीडवाना-कुचामन के M/s Vinod Kumar Agarwal के यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा एवं मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री एवं देनदारी के समायोजन संबंधी तथ्यों की जांच की गई। मामले में लगभग 7–8 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध 6.50 लाख रूपये नकद जमा कराए गए।
केकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर एवं बेड आदि के निर्माण संबंधी कारोबार में कम कैश रेशियो एवं टर्नओवर छिपाने की आशंका पर सर्वे किया गया। मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक एवं व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया। मामले में 15 लाख रूपये की स्वैच्छिक राशि जमा की गई।
किशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद एवं उससे संबंधित ITC की जांच की गई। जांच में लगभग 15.85 लाख रूपये की संभावित देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 8.45 लाख रूपये नकद जमा कराए गए।
हनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers के यहां ट्रेलर निर्माण इकाई में खरीद एवं ITC से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई। साथ ही पिछले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत ITC का उपयोग किए जाने की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार कर रिकॉर्ड की जांच की गई तथा करदाता द्वारा 25 लाख रूपये जमा किए गए। मामले की जांच जारी है।
कोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी कर कार्रवाई की गई। जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं थी। मामले में लगभग 40 लाख रूपये की संभावित कर देनदारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में कोई स्वैच्छिक जमा राशि नहीं हुई है तथा आगे की जांच जारी है।
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री अभिलेखों, स्टॉक, ITC एवं संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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