गणतांत्रिक शासन व्यवस्था सेवा, समानता और संवेदनशीलता का संकल्प : राज्यपाल पटेल

गणतांत्रिक शासन व्यवस्था सेवा, समानता और संवेदनशीलता का संकल्प : राज्यपाल पटेल

आकर्षक परेड के साथ प्रस्तुत हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

विभागीय झांकिया भी निकली

भोपाल, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक न्याय, किसान समृद्धि, जनजातीय उत्थान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएँ, आधारभूत संरचना विस्तार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, उद्योग प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में लेकर कार्य कर रही है। इन क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियाँ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश को बाबा साहेब की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है और सामाजिक न्याय, समता तथा बंधुत्व के उनके विचार प्रदेश के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है, जहाँ गरीब, युवा, किसान और नारी विकास के केंद्र में हैं।

राज्यपाल पटेल लाल परेड ग्राउंड भोपाल में गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान सभा के सदस्यों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

राज्यपाल पटेल ने समारोह स्थल में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परम्परागत लोकनृत्यों और झांकियों की प्रस्तुति का अवलोकन किया। परेड कमांडरों के साथ परिचय प्राप्त कर फोटो भी खिंचवाया। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,  विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्रप्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उनके परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा है कि गणतंत्र दिवस हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। लोकतंत्र की शक्ति जनता की सहभागिता में है। समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनकल्याण हमारे गणतंत्र की आत्मा हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। यह दिन हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संविधान निर्माताओं के दूरदर्शी चिंतन और नागरिक कर्तव्यों से प्रेरणा लेने का स्मरण कराता है।

“समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” का लक्ष्य

राज्यपाल पटेल ने वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि विकास के लिए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।  कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का बजट वर्ष 2002-03 के 600 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश ”के लक्ष्य के साथ बहुआयामी कृषि मॉडल अपनाया गया है। प्रदेश की 259 मंडियों में ई-मंडी योजना लागू है और 40 लाख किसानों का पंजीयन हो चुका है। उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने से क्षेत्रफल में 20 प्रतिशत तथा उत्पादन में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। कुल उत्पादन 344 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

अनुसूचित जाति वर्ग के लिए पहल

राज्यपाल पटेल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 50 लाख विद्यार्थियों को सवा दो हजार करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थी IIM, IIT, NIT और NLIU जैसे संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए विदेश अध्ययन हेतु प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष 50 हजार अमेरिकी डॉलर (लगभग 45 लाख रुपये) तक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के 30 जिलों में संत रविदास सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।

जनजातीय विकास प्राथमिकता

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता बताते हुए राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से 25 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। कक्षा 11वीं–12वीं के लगभग 2 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों में केजी-1 से 12वीं तक शिक्षा दी जा रही है, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान है। “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत 51 जिलों के 18 लाख जनजातीय परिवारों के 90 लाख से अधिक हितग्राहियों के लिए 79 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र, पेसा एक्ट के अधिकार और ‘शालिनी’ एप जैसे नवाचार लागू किए गए हैं। बैतूल जिले को ‘श्रेष्ठ राज्य’ और ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में बेस्ट परफार्मेंस अवार्ड मिला है।

विद्युत उपभोक्ताओं का 281 करोड़ रुपये सरचार्ज हुआ माफ

राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान रबी सीजन में 19,895 मेगावाट की सर्वाधिक विद्युत मांग की सफल पूर्ति की गई। एक हेक्टेयर तक भूमि और 5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति कृषकों को निःशुल्क बिजली दी जा रही है। समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत लगभग 12.5 लाख उपभोक्ताओं का 281 करोड़ रुपये सरचार्ज माफ किया गया तथा 653 करोड़ रुपये के बिल जमा हुए। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 28 हजार घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में 55 महाविद्यालय हो रहे विकसित

राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। प्रत्येक जिले में एक-एक महाविद्यालय सहित कुल 55 महाविद्यालयों को “प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थी पुस्तक सहायता केंद्र स्थापित हुए हैं तथा परिसरों में “विद्यावन” विकसित किए गए हैं।तीन नए विश्वविद्यालय—क्रांतिसूर्य टंट्या भील (खरगोन), क्रांतिवीर तात्या टोपे (गुना) और रानी अवंतीबाई लोधी (सागर) स्थापित किए गए हैं। पं. शंभुनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल को संबद्धतादायी विश्वविद्यालय में उन्नत किया गया है। NAAC मूल्यांकन में 205 महाविद्यालयों का आकलन हुआ, जिनमें 6 को A++, 7 को A+ और 23 को A ग्रेड प्राप्त हुआ। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है तथा 22 भारतीय और 4 विदेशी भाषाओं में क्रेडिट आधारित प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने राज्य को दो ऐतिहासिक अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजनाएं दी

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को दो ऐतिहासिक अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजनाओं—पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक और केन-बेतवा लिंक—की सौगात मिली है, जिनसे लगभग 14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और बड़ी आबादी को पेयजल सुविधा मिलेगी।

पहली बार जनजातीय गौरव दिवस पर रिहा हुए बंदी

राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश में पहली बार जनजातीय गौरव दिवस पर जेल के बंदियों को रिहा किया गया। प्रदेश में वर्ष में अब पाँच बार कारावास के बंदियों की रिहाई की अभिनव पहल की जा रही है।

श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का विकास सांस्कृतिक धरोहर

राज्यपाल पटेल ने कहा कि श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का विकास सांस्कृतिक धरोहर से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित मध्यप्रदेश महोत्सव में प्रदेश की कला, संस्कृति और व्यंजनों को सराहना मिली। संत रविदास लोक और संत सिंगाजी लोक का कार्य प्रगति पर है। शिवपुरी का माधव राष्ट्रीय उद्यान प्रदेश का नौवां टाइगर रिजर्व घोषित हुआ। सागर में डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य और श्योपुर में जहानगढ़ अभयारण्य बनाए गए हैं। नौरादेही अभयारण्य को कुनो और गांधी सागर के साथ चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है।

शिक्षण अस्पताल बन रहे, जिला अस्पताल

राज्यपाल पटेल ने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से जिला अस्पतालों को शिक्षण अस्पताल बनाया जा रहा है। पीएमएयर एंबुलेंस सेवा तथा राहवीर योजना के अंतर्गत घायलों को अस्पताल पहुँचाने पर 25 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भोपाल में बन रहा

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स टूरिजम को बड़ावा देने के लिए भोपाल में 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश अग्रणी

राज्यपाल पटेल ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 एवं 2025 और डी-रेग्युलेशन से उद्योग स्थापना सरल हुई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश अग्रणी है। उद्योग संवर्धन नीति के तहत 2025-26 में 1,522 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।धार में पीएम मित्रा पार्क, मोहासा-बाबई में विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जाउपकरण निर्माण क्षेत्र, मुरैना में मेगा लेदर क्लस्टर फूटवेयर एवं एसेसरीज क्लस्टर, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, इंदौर- पीथमपुर, रतलाम और 33 औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्य धारा से जोड़ने के हो रहे प्रयास

राज्यपाल पटेल ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्प संख्यक समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए इस वर्ष पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु 681 करोड़ रुपये तथा राज्य छात्रवृत्ति योजना हेतु 217 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएससी एवं यूपीएससी में सफल 635 अभ्यर्थियों को 70 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

प्रदेश मछली उत्पादन प्रबंधन में उत्कृष्ट

राज्यपाल पटेल ने कहा कि मछली उत्पादन प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रदेश को विशेष श्रेणी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में प्रदेशशामिल

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में मध्यप्रदेश देश के तीन सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। स्वीकृत 9.46 लाख आवासों में से 8.79 लाख पूर्ण हो चुके हैं।