मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय में फहराया राष्ट्रध्वज

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय में फहराया राष्ट्रध्वज

कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी कमेटी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के बाद हमें आजादी मिली और भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा रचित हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संविधान में निहित लोक कल्याण की भावना को धरातल पर उतार रही है और उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के उत्थान एवं सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना कार्मिकों का दायित्व है और राज्य सरकार उनके हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

शर्मा सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ की ओर से शासन सचिवालय में 77वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

  1 लाख युवाओं को दी सरकारी नियुक्तियां, 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन-

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश और प्रदेश का भविष्य है, इसलिए राज्य सरकार उन्हें शिक्षण, प्रशिक्षण और रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी है, साथ ही 1 लाख 54 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के लिए भी एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जा चुका है। इस प्रकार हम भर्तियों के साढ़े तीन लाख के आंकड़े को पार कर चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार 5 साल में 4 लाख सरकारी भर्तियों के लक्ष्य को हासिल करेगी।

राज्य सरकार युवाओं में कौशल विकास और उद्यमिता को दे रही बढ़ावा-

शर्मा ने कहा कि निजी क्षेत्र में भी करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू किए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं। इनसे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। उनके सर्वांगीण विकास के लिए राजस्थान युवा नीति और रोजगार नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार चाहने वाला ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाला भी बने, इसके लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के 18 से 45 वर्ष की आयु के युवाओं को ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करके उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है। 

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 3 लाख 37 हजार से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है और करीब 2 लाख युवाओं को इंटर्नशिप करवाई गई है। इसके साथ ही 65 आई स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं। 658 स्टार्टअप्स को करीब साढ़े 22 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। 

कर्मचारी कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध-

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार और जनता के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं जो कल्याणकारी योजनाओं और निर्णयों को त्वरित गति से जनता तक पहुंचाकर उन्हें लाभान्वित करते हैं। उन्होंने कहा कि शासन सचिवालय में रिक्त लिपिक ग्रेड-द्वितीय के 584 एवं शीघ्रलिपिक के 194 पदों पर भर्ती के क्रम में 557 अभ्यर्थियो ने लिपिक ग्रेड द्वितीय के पद पर कार्यग्रहण कर लिया है एवं शेष पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। शीघ्रलिपिक भर्ती परीक्षा 2024 का परिणाम जारी किया जा चुका है एवं दस्तावेज सत्यापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपात्मक नियुक्ति के 73 प्रकरणों में शिथिलन प्रदान किया है। आश्रितों के लिए आवेदन करने की समय सीमा भी 90 से बढ़ाकर 180 दिन की है। इससे मृतक कार्मिक के आश्रितों को आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सरकार सकारात्मक कदम उठाएगी।

कार्मिकों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए बनेगी कमेटी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के कैडर संबंधी समस्याओं और विसंगतियों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी जो विसंगतियों का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता को बढ़ाने के लिए सचिव, कार्मिक की अध्यक्षता में भी एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो कार्य संबंधी सुविधाओं के बारे में अनुशंषा करेगी।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजकाज, आई-गॉट कर्मयोगी के माध्यम से 7.5 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, ई-ऑफिस ऐनालिटिक्स के तहत औसतन 5 से 6 घण्टे में फाइलों का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कल्याण के लिए समयबद्ध पदोन्नति, वेतन वृद्धि जैसे निर्णय किए जा रहे हैं। आमजन के जीवन में सरलीकरण के लिए सुशासन के माध्यम से निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। 

कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर शासन सचिव कार्मिक श्रीमती अर्चना सिंह, राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कजोड़ मल मीणा सहित विभिन्न कर्मचारी संघों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी तथा सचिवालय सेवा के कार्मिक उपस्थित थे।