महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सशक्तिकरण का नया आधार

महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सशक्तिकरण का नया आधार

एमसीबी, ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने और सामुदायिक सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महतारी सदन का निर्माण कराया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां वे आपसी समरसता के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी कर सकेंगी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण के अंतर्गत कुल 10 महतारी सदनों के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
महतारी सदन की अवधारणा ग्रामीण महिलाओं को केवल एक भवन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना, सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आपसी संवाद, सहयोग और सामुदायिक कार्यक्रमों में सहभागिता के अवसर मिल सकेंगे।

सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी जनभागीदारी की भावना

छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना, विकसित भारत-2047 के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेना, केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महतारी सदन जैसी पहल को ग्रामीण महिलाओं की सामूहिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण के व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा जा सकता है। गांवों में महिलाओं के लिए सुविधायुक्त साझा स्थान उपलब्ध होने से सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन और सामुदायिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता को प्रोत्साहन मिल सकता है। इस प्रकार, महतारी सदन ग्रामीण स्तर पर सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं।

2507  वर्गफीट   क्षेत्र में होगा महतारी सदन का निर्माण

महतारी सदन का निर्माण 233 वर्ग मीटर अर्थात लगभग 2507 वर्गफीट क्षेत्रफल में किया जा रहा है। भवन में एक हॉल, कमरा, किचन, स्टोर, दुकान, बाउंड्री वॉल, शौचालय और बोरवेल की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भवन की संरचना तैयार की गई है, ताकि महिलाओं को विभिन्न सामाजिक एवं सामूहिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
भवन में हॉल की व्यवस्था होने से सामूहिक बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी। वहीं किचन, शौचालय, बोरवेल और अन्य आवश्यक सुविधाएं कार्यक्रमों के संचालन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। महतारी सदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है, जहां वे सामूहिक रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

दो चरणों में 2 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महतारी सदन निर्माण के प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कुल 7 भवनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक भवन के लिए 29.20 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस प्रकार प्रथम चरण में कुल 2 करोड़ 4 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृत लागत निर्धारित होती है।
इसी क्रम में द्वितीय चरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3 महतारी सदनों को स्वीकृति दी गई है। इस चरण में प्रत्येक भवन के लिए 30 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इसमें टीवी, डीटीएच, बर्तन और गैस चूल्हा जैसी आवश्यक सामग्री के लिए भी राशि शामिल है। इस चरण के लिए कुल 90 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर जिले में कुल 10 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 2 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।

महिलाओं के स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता को मिलेगा प्रोत्साहन

ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। जब महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए उपयुक्त स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, तो उनके बीच आपसी सहयोग, संवाद और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने के अवसर बढ़ते हैं। महतारी सदन इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए साझा केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनके उद्देश्यों को आम नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में महतारी सदन जैसी पहल महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक सहभागिता और ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन से जुड़े प्रयासों को रेखांकित करती है। इन भवनों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए सुविधायुक्त स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।