अडानी के पोर्ट से आ रहे नशे पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?’ अमित शाह से भगवंत मान के तीखे सवाल
चंडीगढ़। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मान ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से नशीले पदार्थों की बरामदगी, पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए होने वाली कथित तस्करी और NDPS कानून को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच मुख्यमंत्री ने भाजपा के उस प्रचार पर भी सवाल उठाए, जिसमें केंद्र सरकार को पंजाब को नशे से बचाने की कोशिश करते हुए पेश किया जा रहा है। मान ने कहा कि नशे के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय इसके पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) October 20, 2026
अकाली दल के साथ गठबंधन सरकार पर भी उठाए सवाल
भगवंत मान ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार का जिक्र करते हुए पूछा कि उस दौरान नशे की समस्या बढ़ने पर भाजपा ने पंजाब को बचाने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने मजीठिया परिवार से जुड़े मामलों की जांच को लेकर भी भाजपा की भूमिका पर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में पंजाब को नशामुक्त बनाना चाहती है, तो उसे नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए अमित शाह से सवाल किया कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से मिलने वे क्यों नहीं गए।
मान ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरियां देने के लिए कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना जरूरी है और राजनीतिक नेताओं को उनके संघर्ष तथा परिवारों की पीड़ा को समझना चाहिए।
मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स की बरामदगी पर केंद्र को घेरा
नशा तस्करी का मुद्दा उठाते हुए भगवंत मान ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी का उल्लेख किया। उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े पोर्ट का नाम लेते हुए सवाल किया कि वहां से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप मिलने के बावजूद तस्करी रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश में नशे की आपूर्ति रोकने के लिए केंद्र सरकार को और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने राजस्थान और हरियाणा में नशे तथा गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर भी भाजपा सरकारों पर निशाना साधा।
पाकिस्तान सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम का मुद्दा
पंजाब की पाकिस्तान से लगती 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का मुद्दा उठाते हुए मान ने कहा कि ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने के लिए केंद्र सरकार के साथ कई बैठकें की थीं, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। मान के मुताबिक, राज्य सरकार ने BSF के साथ समन्वय करते हुए अपनी ओर से भी एंटी-ड्रोन तकनीक लगाने के प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से पूछा कि सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।
टाइगर श्रॉफ के घर फायरिंग का मामला भी उठाया
भगवंत मान ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर पर हुई फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए राजस्थान और हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी राजस्थान के कोटा से होने और उनके कथित हरियाणा कनेक्शन का हवाला देते हुए भाजपा को अपने राज्यों की स्थिति पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
मान ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले दूसरे राज्यों में अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों की स्थिति का भी आकलन होना चाहिए।
गैंगस्टरों की जेलों में मौजूदगी पर केंद्र से सवाल
मुख्यमंत्री ने गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल कई गैंगस्टर केंद्र की जेलों में बंद हैं। उन्होंने सवाल किया कि जेलों के भीतर से आपराधिक गतिविधियों के संचालन को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मान ने अमित शाह से पंजाब आने और पीड़ित परिवारों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके दौरे के खिलाफ नहीं है, लेकिन नशे जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समस्या का समाधान तलाशना चाहिए।
हेरोइन की बरामदगी पर उठाया सवाल
मुख्यमंत्री ने मुंद्रा पोर्ट से करीब 3,000 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़े मामले का हवाला देते हुए नशे की आपूर्ति श्रृंखला के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने की मांग की।
उन्होंने गुजरात में नशीले पदार्थों को नष्ट किए जाने से जुड़े एक कथित मामले पर भी तंज कसा। मान ने आरोप लगाया कि नशे का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसकी पूरी श्रृंखला की जांच होनी चाहिए।
हालांकि, नशीले पदार्थों की बरामदगी, नष्ट किए जाने और उनकी कथित आपूर्ति से संबंधित दावों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के आधार पर की जानी चाहिए।
NDPS कानून को सख्त करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने नशा तस्करों के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम में बदलाव कर इसे और प्रभावी बनाने की मांग की। उनका कहना था कि कानून में ऐसे सुधार किए जाने चाहिए, जिससे नशा तस्करी के आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
NDPS कानून में जमानत के प्रावधान अपराध की प्रकृति और संबंधित धाराओं के अनुसार अलग-अलग होते हैं। इसलिए सभी आरोपियों को आसानी से जमानत मिलने का दावा सामान्य रूप से सही नहीं माना जा सकता।
पंजाब के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ और पंजाब के पानी के अधिकार जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को राज्य के हितों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को राजनीतिक रूप दिया जाता है।
मान ने जोर दिया कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और तस्करी के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने की जरूरत है।
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