रीको ने अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखण्डों के लीज नवीनीकरण नियमों में किया आंशिक संशोधन

रीको ने अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखण्डों के लीज नवीनीकरण नियमों में किया आंशिक संशोधन

जयपुर, भिवाड़ी, दौसा, कोटा, बीकानेर, राजसमंद एवं उदयपुर में अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखण्डों का ई-ऑक्शन के माध्यम से हो रहा आवंटन

25 सितंबर तक जमा करवानी होगी ईएमडी

भिवाड़ी के राबड़का, बीकानेर के जोड़बीड़, दौसा के जयरामपुरा एवं इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक हब

दौसा-बांदीकुई सहित अन्य भूखण्डों के लिए 28 से 30 सितंबर तक होगी ऑनलाइन बिड

जयपुर। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) द्वारा जयपुर, भिवाड़ी, दौसा, कोटा, बीकानेर, राजसमंद एवं उदयपुर में अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखण्डों का ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटन किया जा रहा है। इसके लिए 25 सितंबर, 2026 तक ईएमडी जमा करवाकर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। ये भूखण्ड विभिन्न श्रेणियों के उपयोग हेतु आवंटित किए जाएंगे।

भिवाड़ी के राबड़का, बीकानेर के जोड़बीड़, दौसा के जयरामपुरा एवं इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक हब दौसा-बांदीकुई, जयपुर के दौलतपुरा, कोटा के कसार, राजसमंद के तनाजा का बांसा तथा उदयपुर के माल की टूस एवं पीपाड़ में स्थित भूखण्डों का आवंटन किया जाएगा। इन भूखण्डों के लिए 28 से 30 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन बिड आयोजित की जाएगी।

नवीनीकरण नीति में स्पष्टता के लिए किया संशोधन

रीको की अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखण्डों के आवंटन संबंधी नीति में प्रारंभिक 33 वर्ष की लीज अवधि के पश्चात आगे 33-33 वर्ष की दो अवधियों तक नवीनीकरण का प्रावधान है। हालांकि, नवीनीकरण अवधि के लिए देय शुल्क/प्रीमियम को लेकर नीति में स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इसी को दूर करने के उद्देश्य से रीको द्वारा नियम 3(एके) में आंशिक संशोधन किया गया है।

संशोधन के अनुसार, प्रारंभिक 33 वर्ष की लीज अवधि पूर्ण होने के बाद पहली एवं दूसरी, दोनों 33 वर्षीय नवीनीकरण अवधियों के लिए संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की नवीनीकरण के समय प्रचलित आवंटन दर पर 10 प्रतिशत भूमि प्रीमियम देय होगा।

नियमानुसार नवीनीकरण के लिए निर्धारित शर्तों का पूरा होना आवश्यक होगा, जिनमें नवीनीकरण के समय कोई बकाया राशि शेष नहीं होना, लीज शर्तों का उल्लंघन नहीं होना, मूल आवंटन शर्तों के अनुरूप परियोजना/गतिविधि का निर्धारित समयावधि में प्रारंभ एवं पूर्ण होना तथा भूमि का निर्धारित प्रयोजन हेतु ही उपयोग किया जाना प्रमुख हैं।

रीको के इस नवीन प्रावधान से लीज नवीनीकरण पर देय प्रीमियम की व्यवस्था अधिक स्पष्ट एवं पारदर्शी होगी, साथ ही संबंधित भूमि के दीर्घकालिक उपयोग हेतु एक सुनिश्चित नियामकीय ढांचा भी उपलब्ध हो सकेगा।