किडनी देकर देवी का रूप बनीं मां-बेटी और पत्नी, ऐसे बची शख्स की तीन बार जान
नोएडा
एक शख्स तीन बार किडनी की बीमारी से ग्रसित हुआ और तीनों बार उसकी जिंदगी बचाने में महिला का ही हाथ रहा। दिल्ली एनसीआर के हापुड़ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी औरत की त्याग की भावना को सलाम करेंगे। एक शख्स की जिंदगी में उसकी मां, बेटी और पत्नी तीनों का बराबर का योगदान है।
दरअसल, हापुड़ के सुरेश के लिए उनकी मां, पत्नी और बेटी ही देवी का रूप हैं। तीनों ने अनमोल त्याग देकर उन्हें जीवनदान दिया। वह किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हुए, जिसके चलते उन्हें तीन बार प्रत्यारोपण करवाना पड़ा। तीनों बार उनके परिवार की महिलाओं ने किडनी देकर उन्हें बचाया।
गढ़ मुक्तेश्वर के नानई गांव के सुरेश अब स्वस्थ और अपने परिवार के शुक्रगुजार हैं। वर्ष 2011 में सुरेश कुमार का पहला किडनी प्रत्यारोपण हुआ। उस दौरान उनकी उम्र महज 35 वर्ष थी। कमजोरी व अन्य लक्षणों की जांच कराने के दौरान पता चला कि उनकी दोनों किडनी खराब हो गई हैं। मां बिरमा देवी ने अपनी एक किडनी दी।
दुर्भाग्य रहा कि यह किडनी केवल चार साल काम कर पाई। अबकी बार सुरेश की पत्नी सुरेश की पत्नी सीता देवी ने किडनी देने का निर्णय लिया। एक साल बाद ही सुरेश में फिर से किडनी खराब होने के लक्षण दिखने लगे। इस बार 21 वर्षीय काजल ने अपनी किडनी पिता को दी।
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