सुबह का नाश्ता नहीं करने से हार्ट अटैक का खतरा: स्टडी
ब्रासीलिया
क्या आप भी सुबह ऑफिस जाने की भाग-दौड़ के बीच अपना ब्रेकफस्ट स्किप कर देते हैं और रात का खाना भी देर से खाते हैं? अगर हां तो सावधान हो जाइए क्योंकि लगातर ऐसा करते रहने से आपकी जान को खतरा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने यह चेतावनी दी है कि सुबह का नाश्ता नहीं करने से दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
समय से पहले मौत का खतरा 5 गुना अधिक
प्रिवेन्टिव कार्डियॉलजी के यूरोपीय जर्नल ‘द फाइंडिग्स’ में छपे शोध पत्र में बताया गया है कि इस प्रकार के अस्वास्थ्यकारी जीवनशैली वाले लोगों में समय से पहले मौत होने की संभावना 4 से 5 गुना बढ़ जाती है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। इस शोध के सह-लेखक ब्राजील के साउ-पाउलो सरकारी विश्वविद्यालय के मार्कोस मिनीकुची का कहना है, ‘हमारे शोध के नतीजों से पता चलता है कि खाना खाने के गलत तरीके को जारी रखने का नतीजा बहुत खराब हो सकता है, खासतौर से दिल के दौरे के बाद।’
शरीर में एनर्जी लेवल बना रहे और शरीर की सभी क्रियाएं ठीक ढंग से हों इसके लिए ज्यादातर लोग दिन में 2-3 बार खाना खाते हैं। इसमें सबसे जरूरी होता है सुबह का नाश्ता, क्योंकि रात के भोजन से मिली ऊर्जा और पोषक तत्वों को शरीर तमाम क्रियाओं में खर्च कर देता है, जिसके बाद उसे सुबह फिर से ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, इसलिए हमें भूख लगती है। सुबह ऑफिस जाना हो, स्कूल जाना हो या फिर घर का ही काम क्यों न करना हो, अक्सर जल्दबाजी के कारण बहुत से लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते। इसका शरीर पर तुरंत कोई प्रभाव भले न दिखे लेकिन ब्रेकफस्ट न करना लॉन्ग टर्म में शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदेह साबित हो सकता है। कैसे आइए जानते हैं...
अगर आप अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं तो आपके ब्लड में शुगर लेवल बहुत ज्यादा गिर जाता है, क्योंकि आमतौर पर आपने 8-10 घंटे से कुछ नहीं खाया होता है। ब्लड शुगर का स्तर गिरने से आपके दिमाग में ऐसे हॉर्मोन्स का उत्सर्जन शुरू हो जाता है जो सिर दर्द और तनाव के लिए जिम्मेदार होते हैं।
जो लोग अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या जल्दबाजी में आधा-अधूरा करते हैं उन्हें टाइप 2 डायबीटीज का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है और ब्लड शुगर के प्रभाव से आपको डिप्रेशन, टेंशन और बेचैनी भी हो सकती है। ब्लड शुगर के एक स्तर से ज्यादा गिर जाने से शरीर में एनर्जी लेवल प्रभावित होता है और इसके परिणाम घातक हो सकते हैं।
अगर आप ब्रेकफस्ट छोड़ देते हैं तो दिनभर सुस्ती और थकान महसूस होगी। भले ही खाने में भरपेट भोजन कर लिया हो। सुबह के समय पेट पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए तैयार होता है। अगर नाश्ता छोड़ देते हैं, तो इससे शरीर को दिन भर के काम के लिए ऊर्जा नहीं मिल पाती है और आपको दिनभर सुस्ती और थकान महसूस होती है।
कई लोग सोचते हैं कि कम खाने या न खाने से मोटापा घटता है इसलिए वो डायटिंग करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि नाश्ता छोड़ देने या आधा-अधूरा करने से आपका शरीर के थुलथुला होने की संभावना बढ़ जाती है। ये मोटापे से भी खराब है क्योंकि आमतौर पर मोटापे में आपका पेट निकलता है या शरीर की चर्बी बढ़ती है जबकि ब्रेकफस्ट छोड़ने से होने वाले थुलथुलेपन में आपका शरीर अंदर से कमजोर होता जाता है।
फिजिशन डॉ पूनम तिवारी कहती हैं, ब्रेकफस्ट करना सबसे जरूरी है। इससे शरीर में पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है लेकिन नाश्ता नहीं करने से शरीर की इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भूखे रहने से आपके शरीर के अंदर की सेल्स डैमेज होने लगती है और शरीर पर वायरस, बैक्टीरिया, फंगस और संक्रमण से फैलने वाले रोगों का प्रभाव आसानी से पड़ सकता है।
113 मरीजों पर की गई रिसर्च
उन्होंने बताया कि यह शोध दिल के दौरे के शिकार 113 मरीजों पर किया गया, जिनकी औसत उम्र 60 साल थी। इनमें 73 फीसदी पुरुष थे। इनमें पाया गया कि सुबह का नाश्ता नहीं करने वाले मरीज 58 फीसदी थे, जबकि रात का भोजन देर से करने वाले मरीज 51 फीसदी थे और 48 फीसदी मरीजों में दोनों तरह की आदतें पाई गई।
ब्रेकफस्ट में डेयरी, कार्ब्स और फ्रूट्स खाएं
उनकी टीम की सलाह है कि खाने की आदत को सुधारने के लिए रात के भोजन और सोने के समय में कम से कम 2 घंटे का अंतर होना चाहिेए। टीम ने कहा, ‘एक अच्छे नाश्ते में ज्यादातर फैट फ्री या लो फैट डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे दूध, दही और पनीर, कार्बोहाइड्रेट जैसे गेंहू की रोटी, सेंके हुए ब्रेड, अनाज और फलों को शामिल करना चाहिए।'

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