छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का दावा, नहीं टाला गया एक भी ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का दावा, नहीं टाला गया एक भी ऑपरेशन

रायपुर
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है. डॉक्टरों की इस हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रायपुर के मेकाहारा प्रबंधन का दावा है कि हड़ताल का सीधा असर अस्पताल पर नहीं पड़ा है और न ही हड़ताल की वजह से कोई ऑपरेशन टाला गया है.

छत्तीसगढ़ में सोमवार को कबीर जयंती के उपलक्ष्य में शासकीय अवकाश है. ऐसे में शासकीय अस्पतालों की ओपीडी शासकीय छुट्टी के दिन बंद ही रहती है. इसके अलावा निजी अस्पतालों में हड़ताल का बहुत ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा है. फिर भी हड़ताल व छुट्टी की जानकारी के आभाव में अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया है. दुर्घटनाग्रस्त किसी मरीज के पहुंचने पर उसका इलाज भी किया जा रहा है.

रायपुर के मेकाहारा शासकीय अस्पताल की पीआरओ शुभ्रा सिंह ने बताया कि आज कबीर जयंती की छुट्टी होने के कारण रुटिन के किसी भी ऑपरेशन का शेड्यूल नहीं रखा गया है. इमरेंजी केस के जो भी ऑपरेशन थे, उन्हें तय समय पर ही किया जा रहा है. ओपीडी बंद है. क्योंकि शासकीय छुट्टी के दिन बंद ही रहती है. हड़ताल का कोई खास असर नही हैं. दुर्घटना के जो भी मामले आ रहे हैं, उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

हड़ताल का समर्थन कर रहे डॉक्टरों ने भी राजधानी रायपुर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. डॉक्टरों के समूह ने मेकाहारा अस्पताल के पास निर्माणाधीन स्काई वॉक के नीचे रैली निकाली. इस दौरान वे डॉक्टरों से मारपीट बंद करने का नारा लगाते रहे. पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोककर वापस लौटा दिया.

रायपुर के संतोषी नगर से हार्ट चेकअप कराने मेकाहारा अस्पताल आए एक बुजुर्ग ने कहा कि उनका आज चेकअप का डेट था, लेकिन छुट्टी या हड़ताल की उन्हें जानकारी नहीं थी. इसलिए अस्पताल आ गए. यहां आकर बगैर चेकअप के ही लौटना पड़ रहा है. बीमारी का इलाज कराने कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ से रामप्रताप का कहना है कि उन्हें पूरे बॉडी का चेकअप कराना है. कई दिनों से परेशान हैं. स्थानीय अस्पतालों में उनकी मर्ज का पता नहीं लग पाया. इसलिए राजधानी रायपुर आए हैं. आज उनका चेकअप नहीं हो सका. इसलिए यहीं रुकना पड़ेगा.