भारतीय नौसेना की सुरक्षा में होर्मुज से निकला 46,000 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा भारतीय जहाज
नई दिल्ली। भारत में एलपीजी संकट के बीच बहुत बड़ी राहत की खबर है। ईरान की ओर से भारतीय झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने देने की अनुमति के बाद भारत के दूसरे एलपीजी जहाज 'नंदा देवी' ने भी युद्ध से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है।
ईरान ने कूटनीतिक चर्चाओं के बाद होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने दिया
एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' के बाद 'नंदा देवी' दूसरा जहाज है, जिसे ईरान ने कूटनीतिक चर्चाओं के बाद होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने दिया है। 'नंदा देवी' 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत आ रहा है और होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के बाद इसे भारतीय नौ सेना के जहाज द्वारा एस्कॉर्ट किया जा रहा है।
भारतीय नौ सेना की सुरक्षा में भारत आ रहे जहाज
सूत्रों का कहना है कि इंडियन नेवी का जहाज 'नंदा देवी' को भारत तक सुरक्षित लेकर आएगा। उम्मीद है कि यह जहाज अगले दो दिनों में भारत पहुंच सकता है। हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं है कि यह मुंबई आएगा या गुजरात के कांडला बंदरगाह जाएगा। इससे पहले एक और एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' को भी इसी तरह से सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेट पार करने दिया गया।
22 जहाजों को कांडला में हैंडल करने का इंतजाम
तनाव के माहौल में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर भारत आने वाला पहला जहाज लाइबेरिया का था, जो सीधे मुंबई पहुंचा था। लेकिन, उसके बाद कांडला बंदरगाह में 72 घंटों के अंदर 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम किया गया है।
46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा 'नंदा देवी'
उधर जानकारी के अनुसार 'नंदा देवी'46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। भारत के कई इलाकों में इस समय जिस तरह से एलपीजी की किल्लत बताई जा रही है, ऐसे मौके पर देश के लिए ईरान से बात करके इस तरह से होर्मुज के रास्ते एलपीजी टैंकर ले आना बहुत बड़ी उपलब्धि है।
ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अबतक भारत पहुंचे जहाज
ईरान युद्ध के बाद भारत पहुंचने वाला सबसे पहला तेल टैंकर लाइबेरिया का शेनलॉन्ग। यह मुंबई बंदरगाह पहुंचा, लेकिन इसने होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए 'डार्क ट्रांजिट' का इस्तेमाल किया। ईरान से जब भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई तो सबसे पहले जिस एलपीजी टैंकर को गुजरने की इजाजत मिली, वह 'शिवालिक' है। सूत्रों के अनुसार 'शिवालिक' भी अभी अंतरराष्ट्रीय जल में है और इंडियन नेवी इसे एस्कॉर्ट करके भारत ला रही है।
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