जरूर होगा संसद का मानसून सत्र, जानें बैठने की कैसे होगी व्यवस्था: केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी 

जरूर होगा संसद का मानसून सत्र, जानें बैठने की कैसे होगी व्यवस्था: केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी 

नई दिल्ली
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र जो संविधान के अनुसार होना चाहिए वो जरूर होगा, सरकार औपचारिकताएं और सावधानियां करेगी। वहीं संसद के दोनों सदनों के महासचिवों को शनिवार को मानसून सत्र के लिए जरूरी बंदोबस्त करने को कहा गया है। इसमें सदस्य सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए प्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकते हैं। 

सूत्रों ने बताया कि लोकसभा और राज्यसभा के शीर्ष अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है कि दोनों सदनों की बैठक उनके संबंधित चैंबरों से ही संचालित होने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सत्र आयोजित करने के संबंध में विचार-विमर्श किया। 

ऐसे विकल्पों पर विचार हो रहा है कि दोनों सदनों की बैठक एक साथ चल सके। सूत्रों के अनुसार, सांसदों की बैठक व्यवस्था संसद परिसर में विभिन्न स्थानों पर की जाएगी। इनमें दोनों सदनों की लॉबी और गैलरी में, सेंट्रल हॉल में और पुस्तकालय भवन के बालयोगी सभागार में बैठक व्यवस्था की जा सकती है।

22 सितंबर के पहले सत्र बुलाना जरूरी
मानसून सत्र निश्चित रूप से 22 सितंबर से पहले शुरू होगा, क्योंकि संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का समय अंतराल नहीं हो सकता। संसद का बजट सत्र 23 मार्च को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र तीन अप्रैल तक चलना था लेकिन कोरोना के कारण इसे समयपूर्व स्थगित कर दिया गया था।