व्यवस्था के लिए सलकनपुर देवी मंदिर समिति एक ही दिन में ही निरस्त
भोपाल
मंत्री को प्रदेश के एक प्रसिद्ध और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मंदिर की समिति पसंद नहीं आई। नतीजे में 24 के भीतर समिति को निरस्त कर दिया गया। अध्यात्म विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र में स्थिति प्रसिद्ध ‘सलकनपुर देवी मंदिर समिति’ बनाई थी, जिसे एक दिन में ही निरस्त कर दिया गया।
समिति के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का आदेश दस जुलाई को हुआ था। समिति में भोपाल के नारियल खेडा में रहने वाले पूर्व पार्षद सुधीर गुप्ता और भोपाल के ही कोलार में रहने वाले मलखान सिंह चंद्रवंशी को शमिल किया गया। इनके साथ ही सलकनपुर के सरपंच विपत सिंह उइके, रेहटी के रहने वाले महंत प्रभुदास जी और बुधनी के रहने वाले ओमश्री हरी भार्गव को सदस्य बनाया गया।
सूत्रों की मानी जाए तो इस मंदिर की समिति में शामिल कुछ सदस्य मंत्री पीसी शर्मा और कांग्रेस के अन्य नेताओं की पसंद नहीं थे। इसके बाद आनन-फानन में 11 जुलाई को दस जुलाई को जारी समिति में नियुक्ति का आदेश निरस्त कर दिया है। निरस्त करने के आदेश तत्काल भोपाल संभाग के आयुक्त के साथ ही भोपाल और सीहोर कलेक्टर को भेजा गया। सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील को भी भेजा गया। दरअसल यह मंदिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र में आता है।
बिजासन माता के इस मंदिर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के साथ ही खुद मंत्री पीसी शर्मा की आस्था जुड़ी रही है। कांग्रेस के दोनों नेता मंदिर में दर्शन करने के लिए लगातार जाते रहे हैं। भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद और सीहोर जिले के बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर पर आते है। नवरात्रि में इस मंदिर में हर दिन लाखों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
मंदिरों की समिति वहां की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बनाई जाती है। समिति हर बड़े उत्सव और तीज त्यौहार से पहले बैठक कर मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा करती है। व्यवस्था अनुसार निमार्ण कार्य के प्रस्ताव भी समिति देती है।
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