चिता आंदोलन पर प्रशासन की कार्रवाई, आंदोलनकारी नेता सहित 300 लोग हिरासत में

चिता आंदोलन पर प्रशासन की कार्रवाई, आंदोलनकारी नेता सहित 300 लोग हिरासत में

nadeem khan
पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के बीच रविवार को प्रशासन की कार्रवाई के बाद विवाद और गहरा गया। जय किसान संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया, चिताओं और धरना स्थल को तहस-नहस कर दिया तथा कई लोगों को हिरासत में ले लिया। संगठन का दावा है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं और युवाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। जय किसान संगठन के अनुसार, संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन जारी है। उन्होंने कहा है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न तो ड्रिप लगवाएंगे और न ही भोजन ग्रहण करेंगे। भटनागर का कहना है कि उन्हें जेल भेजा जाए या अस्पताल, लेकिन उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कई आदिवासी महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ उफनती नदी पार करने को मजबूर हुईं। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग किया और मोबाइल से वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल भी छीन लिए गए। अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि उनका आंदोलन उस समय दबाने का प्रयास किया गया, जब वे केन-बेतवा परियोजना, एनटीपीसी तथा अन्य विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का खुलासा करने की बात कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी जान को खतरा बताया तथा कहा कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों पर जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।