एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का पंजाब में पहली बार आयोजन, 1 नवंबर को भारत-पाकिस्तान के बीच महामुकाबला
चंडीगढ़। हॉकी के खेल में अपनी ऐतिहासिक पहचान रखने वाला पंजाब अब एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने जा रहा है। पहली बार पंजाब में एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को एशियन हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों की मौजूदगी में टूर्नामेंट के लोगो का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को सफल और यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। टूर्नामेंट के आयोजन से पंजाब की समृद्ध हॉकी विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का भी मौका मिलेगा।
27 अक्टूबर से शुरू होगा टूर्नामेंट
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक किया जाएगा। टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले जालंधर में होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन की टीमें हिस्सा लेंगी।
हॉकी प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला होगा। दोनों टीमें 1 नवंबर को पंजाब दिवस के अवसर पर शाम 7 बजे जालंधर में आमने-सामने होंगी।
सभी मुकाबलों में दर्शकों की एंट्री फ्री
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि टूर्नामेंट के किसी भी मुकाबले के लिए दर्शकों को टिकट नहीं खरीदना होगा। सभी मैचों में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी को पंजाब के युवाओं और खेल प्रेमियों तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल है। सरकार चाहती है कि बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।
प्रतियोगिता के लिए 25.40 करोड़ रुपये का बजट
पंजाब सरकार ने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के सफल आयोजन के लिए 25.40 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें करीब 22.96 करोड़ रुपये दोनों प्रमुख हॉकी स्टेडियमों के उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे।
जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के लिए 14 करोड़ रुपये, जबकि मोहाली स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के लिए 8.96 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
पंजाब की हॉकी विरासत को मिलेगा बड़ा मंच
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता दशकों पुराना और बेहद मजबूत है। संसारपुर, खुसरोपुर और मिट्ठापुर जैसे गांवों ने देश को कई दिग्गज हॉकी खिलाड़ी दिए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश को 50 से अधिक ओलंपिक पदक विजेता और 10 राष्ट्रीय कप्तान दिए हैं। एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से पंजाब की इस गौरवशाली हॉकी विरासत को दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
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