प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम: ‘पधारो म्हारे देश’ से ‘पधारो थारे देश’ तक

प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम: ‘पधारो म्हारे देश’ से ‘पधारो थारे देश’ तक

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम’ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी अपनी गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध विरासत के सच्चे ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। अपनी मेहनत, उद्यमशीलता और सामाजिक समरसता के बल पर दुनिया भर में डंका बजाने वाले ये प्रवासी अब अपनी मातृभूमि के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
महाराष्ट्र और राजस्थान: आर्थिकी और संस्कृति का अनूठा संगम
महाराष्ट्र (विशेष रूप से मुंबई, पुणे और सूरत जैसे व्यापारिक केंद्र) में दशकों से निवास कर रहे राजस्थानी प्रवासी दोनों राज्यों के संबंधों को मजबूत करने का मुख्य आधार हैं। महाराष्ट्र की आर्थिक शक्ति और राजस्थान की अपार संभावनाओं का यह मेल अब ‘विकसित राजस्थान’ के विजन को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुंबई चैप्टर के प्रतिनिधियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जो यह साबित करती है कि महाराष्ट्र के प्रवासी अपनी जड़ों से किस कदर गहराई से जुड़े हुए हैं।
महाराष्ट्र के निवेशकों के लिए राजस्थान में अपार संभावनाएं और नए क्षेत्र
राज्य सरकार की नई नीतियों और डिजिटल पहलों के चलते महाराष्ट्र के प्रवासी उद्यमियों का अपनी मातृभूमि में निवेश के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है:
पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी प्रोजेक्ट: बाड़मेर के पचपदरा में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना से निकलने वाले उत्पादों पर आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों में महाराष्ट्र के तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई (MSME): महाराष्ट्र के वस्त्र और इंजीनियरिंग क्षेत्र के उद्यमी राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी इकाइयां स्थापित कर रहे हैं।
हेरिटेज टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी: शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं और चूरू) में 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के विकास में मुंबई-पुणे के निवेशकों की गहरी रुचि है। 
आगामी 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट और 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन का आयोजन इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
सरकार की सुगम नीतियों और रियायतों से कारोबार करना आसान हुआ है । 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में मजबूत हो रही आधारभूत संरचनाओं (जैसे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और एयर कनेक्टिविटी का विस्तार) के साथ-साथ राजस्थान सरकार ने कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक बदलाव किए हैं:
कन्सेंट-टू-ऑपरेट: एमएसएमई क्षेत्र में इसकी समय-सीमा को 120 दिन से घटाकर मात्र 30 दिन (बड़े उद्योगों के लिए 60 दिन) कर दिया गया है।
व्हाइट कैटेगरी का विस्तार: कम प्रदूषण वाले उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 कर दी गई है।
राज निवेश पोर्टल: इस सिंगल विंडो पोर्टल पर 18 विभागों की लगभग 190 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
नीतिगत प्रोत्साहन: राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS), राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026 और ‘एनआरआर पॉलिसी-2025’ के माध्यम से निवेशकों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, हर जिले में ‘जिला प्रवासी प्रकोष्ठ’ का गठन किया गया है।
इस वजह से राजस्थान फाउंडेशन का दायरा बढ़ा है और अब देश-विदेश में 51 चैप्टर्स हो गए हैं। 
प्रवासियों को उनकी मातृभूमि से जोड़ने वाले 'राजस्थान फाउंडेशन' के दायरे को और विस्तृत करते हुए मुख्यमंत्री ने 11 नए चैप्टर्स की घोषणा की है। इनमें रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी, विशाखापट्टनम, सैन फ्रांसिस्को, ज्यूरिख, मिलान, डबलिन और स्टॉकहोम (नॉर्डिक चैप्टर) शामिल हैं। इसके साथ ही देश-विदेश में फाउंडेशन के कुल चैप्टर्स की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो गई है, जो प्रवासियों को एक मजबूत मंच प्रदान कर रहे हैं।
पधारो म्हारे देश’ के पारंपरिक आमंत्रण में अब ‘पधारो थारे देश’ की भावना का यह नया अध्याय महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच आर्थिकी, पर्यटन और औद्योगिक विकास के एक स्वर्णिम युग की शुरुआत कर रहा है। यह सहभागिता न केवल राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अभूतपूर्व अवसर भी सृजित कर रही है।