भारत भूमि “अन्नपूर्णा” है, गौ धन संरक्षण के साथ रसायन मुक्त कृषि को बढ़ावा दें: राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि भारत भूमि “अन्नपूर्णा” है। उन्होंने कहा कि फसल की वृद्धि एवं उससे उत्पादन लेने के लिए जो तत्व चाहिए वे सब भूमि में मौजूद हैं। उन्होंने गाय के गोबर का खाद के रूप में उपयोग कर रसायन मुक्त कृषि पद्धति को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने राजस्थान में देशी गाय के उपलब्ध दूध को महत्वपूर्ण बताया तथा गौ धन संरक्षण के लिए गौ शालाओं और अन्य किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
बागडे बुधवार को जयपुर में अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद् द्वारा आयोजित राष्ट्रीय किसान एवं गौपालक सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्र स्तरीय कृषि स्टार्टअप मेले के रूप में आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वदेशी तकनीकों को प्रोत्साहन देने, किसानों के उत्पादों के प्रमाणन और ब्रांडिंग के लिए भी कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने और किसान की बाजार पर निर्भरता को खत्म कर उन्हें लाभान्वित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने गाय को कामधेनु बताते हुए कहा कि मनुष्य के पोषण का बड़ा आधार गाय है। उन्होंने गाय, किसान और प्रकृति संरक्षण के लिए सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल ने सभी स्थानों पर गौ पालन, औषधीय पौधों, सरकार की योजनाओं से किसानों को मिलने वाले लाभों, स्टार्टअप किसान हित में निवेशकों के सम्मेलन आदि की पहल करने पर जोर दिया। सम्मेलन में जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. बलराज सिंह, अतुल गुप्ता, पवन अरोड़ा आदि ने भी गौ आधारित कृषि को बढ़ावा दिए जाने की बात कही।
राज्यपाल बागडे ने इससे पहले गौ पूजन किया और गाय को हरा चारा खिलाया। उन्होंने किसान मेले के विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया।