नकली पुलिस अधिकारी को असली पुलिस ने किया गिरफ्तार 

नकली पुलिस अधिकारी को असली पुलिस ने किया गिरफ्तार 

नकली पुलिस अधिकारी को असली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंघम फिल्म देखकर पुलिस ऑफिसर बनना चाहता था आरोपी

सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में हुआ फेल तो शौक पूरा करने पहनने लगा वर्दी

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Syed Javed Ali 
मंडला - मंडला पुलिस ने एक फर्जी पुलिस सूबेदार को गिरफ्तार किया है। फिल्म सिंघम देखकर पुलिस का रोल देखकर पुलिस की वर्दी के प्रति आकर्षित हुए आरोपी ने 2016 व 2017 में पुलिस उपनिरीक्षक की परीक्षा दी। वर्ष 2016 में 200 में से 106 अंक आए थे और वर्ष 2017 में 200 में से 146 अंक आए थे। आरोपी अनिरुद्ध पटेल को लगा कि अब उसका सिलेक्शन पुलिस विभाग में हो जायेगा। पुलिस की वर्दी पहनने के लिए वो इतना बेसब्र था कि उसने रिजल्ट डिक्लेअर होने का इन्तिज़ार भी नहीं किया और वर्दी सिला ली। वर्दी में लगने वाली सभी सामग्री भी खरीद ली। जब रिजल्ट आया तो उसके हाथ एक बार फिर नाकामी लगी। उसके दोस्त का सिलेक्शन पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर हो गया था। इससे आरोपी अनिरुद्ध पटेल ने अपने दोस्त सहित परिजनों को बता दिया कि उसका चयन सूबेदार पद पर हो गया है। वो वर्दी पहनकर घूमने लगा और बताता कि उसकी पोस्टिंग होना बाकी है। हालांकि वर्दी पहनने के अलावा उसने कोई अन्य अपराध घटित नहीं किया लेकिन पुलिस को जब इसकी जानकारी लगी तो पुलिस ने उसके खिलाफ कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे बना फर्जी सूबेदार -
पूरा मामला इस तरह से है कि पुलिस अधीक्षक मंडला राकेश कुमार सिंह को दीपावली के पूर्व सूचना मिली थी कि मंडला एक युवक जब भी मंडला जिले से बाहर जाता है तो वह पुलिस अधिकारी की वर्दी का उपयोग करता है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक मंडला द्वारा एसडीओपी मंडला ए.व्ही.सिंह को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। एसडीओपी मंडला ए.व्ही.सिंह द्वारा सूचना की तस्दीक की गई तो पाया गया कि मंडला का अनिरुद्ध पटेल उर्फ अन्नी पटेल पुत्र श्री नवीन पटेल उम्र 23 निवासी शारदा काँलोनी सरदार पटेल वार्ड में रहता है। अपने आपको एम.पी. पुलिस का सूबेदार बताता है एवं बालाघाट में पोस्टिंग होना बताता है। एसडीओपी मंडला ए.व्ही. सिंह द्वारा टीम बनाकर अनिरूद्ध पटेल को पकडने हेतु घेराबंदी की गई और शनिवार की सुबह बस स्टैंड मंडला से अनिरुद्ध पटेल उर्फ अन्नी पटेल पुत्र नवीन पटेल उम्र 23 वर्ष निवासी शारदा काँलोनी, सरदार पटेल वार्ड, मंडला को पुलिस अधिकारी की वर्दी पहने हुये गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने पूछतांछ में पुलिस को बताया कि उसने स्कूल की पढाई कक्षा 5वी तक सरस्वती शिशु मंदिर, बैगा बैगी चैराहे से किया था उसके बाद उसने 6वी से 12वी तक की पढाई भारत ज्योति स्कूल से की। बी.काँम सेंट अलोयसिस काँलेज, जबलपुर से किया अभी जाभोज युनिर्वसिटी से एम.काँम कर रहा है। आरोपी ने बताया कि उसे पुलिस में जाने का बहुत शौक था। उसने सिंघम फिल्म देखी थी उस मे पुलिस का रोल देखकर वह पुलिस की वर्दी के प्रति बहुत आकर्षित हो गया था। उसने वर्ष 2016 व वर्ष 2017 मे पुलिस उपनिरीक्षक का फार्म भरा था। वर्ष 2016 में उसके 106/200 अंक आए थे और 2017 में 146/200 अंक। उसे पुलिस की वर्दी पहनना था जिसके लिये उसने बहुत कोशिश की पर कामयाब नही हुआ। उसका दोस्त विजय धुर्वे का सिलेक्शन पुलिस उपनिरीक्षक मे हो गया था। वो दोनो साथ में तैयारी करते थे। जब उसके दोस्त का सिलेक्शन हो गया और उसका सिलेक्शन नही हुआ तो बहुत दुख हुआ। वर्ष 2017 में उपनिरीक्षक की परीक्षा में 146/200 अंक आने पर उसे भरोसा था कि वो अब पुलिस में सिलेक्ट हो जायेगा इसलिये मैने जबलपुर में सदर बाजार स्थित समर्पण टेलर से पुलिस की वर्दी का कपडा खरीदा और वही पर उपनिरीक्षक की वर्दी सिलवाई। सदर बाजार वाले समर्पण टेलर को अपना पद सूबेदार बताया था। सूबेदार के पद के स्टार व लेन यार्ड, बैरेटकैप, उसका मोनो उसने पास की पुलिस के सामन बेचने वाली दुकान से खरीदा था। नैम प्लेट मण्डला में सोनू रेडियम की दुकान उदय चैक के आगे सब्जी मण्डी वाले तिराहे से बोल कर बनवाई। वर्दी को पहनने का तरीका फोटो मे देख कर सीखा था। वह पुलिस सूबेदार की वर्दी पहनकर जबलपुर में घूमता था। उसने अपने घर पर बताया था कि उसका वर्ष 2016 वाले पुलिस सूबेदार बैच में सिलेक्शन हो गया है। उसने अपने दोस्त मनोज मिश्रा का लेपटाँप् काम से माँगा और उसके फोटो शाँप् से पुलिस सूबेदार का आईकार्ड खुद बनाकर प्रिंट कर लिया। वही आईकार्ड व वर्दी पहनकर जबलपुर में घूमता था। उसे सिर्फ पुलिस की वर्दी पहने का शौक था। उसका दोस्त विजय धुर्वे जबलपुर में सूबेदार के पद पर पदस्थ था जिससे मिलने मे सूबेदार की वर्दी पहन कर गया था। दोस्त को उसने पहले ही बता रखा था कि वह सूबेदार पर मेरी ज्वाइनिंग नही हुई है। अपने दोस्त को बता रखा था कि वह 2016 का सूबेदार है। दोस्त को उस पर भरोसा हो गया। वह जब भी जबलपुर जाता था तो अपने बैग में पुलिस की वर्दी रख कर ले जाता था। पुलिस की वर्दी में उसके बहुत सारे फोटो वर्दी है। उसने अपने सभी दोस्तो को बता रखा था कि वह पुलिस मे सूबेदार है। वह मण्डला मे भी कभी कभार सूबेदार की वर्दी पहनकर घूमता था। उसे पुलिस की वर्दी पहने का बहुत शौक है इसलिये उसने घरवालो व मेरे दोस्तो के साथ झूठ बोला था।
गर्ल फ्रेंड से कराता था अपने सूबेदार होने की पुस्टि - प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ने अपनी गर्ल फ्रेंड का मोबाइल नंबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारी के रूप में सेव कर रखा था। जब कभी कोई पूंछता तो वह गर्ल फ्रेंड के नंबर पर कॉल करता और सामने वाले से बात करा देता। बता करने वाले वो वह इसके सूबेदार होने की पुस्टि कर देती। चूँकि गर्ल फ्रेंड का मोबाइल नंबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारी के नाम पर सेव कर रखा था तो लोग उसकी बात पर यकीन भी कर लेते। पुलिस अब सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसने वर्दी की धौंस दिखाकर किसी को अपना शिकार तो नहीं बनाया। पुलिस अधीक्षक की युवाओं से अपील - पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में नकामयाब होने पर वे निराश न हो। अगली बार अधिक परिश्रम कर बेहतर तैयारी करें, जिससे कामयाबी हासिल हो सकें। निराशा या जल्दबाजी में कोई ऐसा काम न करे जिससे कानून का उल्लंघन हो और पछताना पड़े। पुलिस ने आरोपी अनिरुद्ध पटेल से एक जोडी खाकी वर्दी दो स्टार कंघे में लगी हुई फित्ती सहित, एक जोडी ब्राउन शूज, एक जोडी खाकी मोजे, अनिरुद्ध पटेल के नाम की नेम प्लेट, मध्य प्रदेश पुलिस का लेदर का ब्राउन बेल्ट एवं मध्यप्रदेश पुलिस मोनों की बैरेट कैप नीले रंग की एवं एक मोटोरोला कंपनी का काला मोबाईल जप्त कर आरोपी अनिरूद्ध को गिरफ्तार किया गया तथा थाना कोतवाली में इसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 722/18 धारा 170,171, 467,468 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। उक्त कार्यवाही में थानाप्रभारी कोतवाली निरीक्षक सियाराम गुर्जर, उप निरीक्षक अवधेशतोमर, सउनि नरेन्द्र उयके, प्र.आर. सादिक नजीर, आर. नाथूराम धुर्वे, आर. अमर सिंह मरकाम, आर. रमेश सिंगरौरे, आर. राज बधेल, रज्जन, जफर, सैनिक दीपचंद का सराहनीय योगदान रहा।