मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के नवापुरा में 3 दिन पहले जिस स्थान पर कोरोना से जान बचाने वाले डॉक्टरों और और पुलिस पर पथराव हुआ था उसी स्थान पर शनिवार को लोगों ने टीम पर फूल बरसाए। बवाल के बाद से यहां सन्नाटा छाया हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम नवाबपुरा में जाने से हाथ खड़े कर दी थी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन ने कुछ स्थानीय लोगों से सहयोग लेकर वहां के लोगों को विश्वास में लिया उन्हें समझाया गया की कोरोना से जंग जीतनी है तो स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम का पूरी तरह सहयोग करना होगा।
इसी क्रम में शनिवार को मौलाना फजरूल इमाम और अन्य स्थानीय लोगों ने वहां के लोगों को जागरूक किया। इसके बाद दोपहर के समय स्वास्थ विभाग की टीम दो एंबुलेंस गाड़ियां लेकर नवाबपुरा पहुंची। उनके साथ एसएचओ नागफनी सुनील सिंह और थाने की फोर्स के अलावा आरएएफ के जवान मौजूद रहे। स्वास्थ विभाग की टीम ने नवाबपुरा की बिरयानी वाली गली से 7 लोगों को को क्वारंटाईन करने के लिए उठाया। टीम के पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने 3 दिन पहले हुई घटना पर खेद व्यक्त करते हुए टीम के सदस्यों का फूल बरसा कर और तालियां बजाकर स्वागत किया। लोगों ने कहा हम लोग पुलिस प्रशासन का और स्वास्थ विभाग टीम का पूरी तरह सहयोग करेंगे।
ये था मामला :
मुरादाबाद में नागफनी इलाके के नवाबपुरा स्थित हाजी नेब वाली मस्जिद के पास सरताज अली रहते थे। कोरोना की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई थी। उनके करीबियों को क्वारंटाइन करने के लिए बुधवार दोपहर डाक्टर एससी अग्रवाल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम हाजी नेब वाली मस्जिद पहुंचे थे। साथ में नागफनी थाने की लैपर्ड भी मौजूद थी। सरताज अली के करीबियों से बातचीत करके क्वारंटान करने के लिए एंबुलेंस तक लाया जा रहा था। इसी बीच महिलाओं के शोर मचाने पर जुटी भीड़ ने अचानक स्वास्थ्य टीम को निशाना बनाकर पथराव शुरू कर दिया। डाक्टर एससी अग्रवाल, ईएमटी पंकज सिंह, चालक मुनिराज सिंह, फार्मासिस्ट संजीव समेत पांच लोग घायल हो गए थे। मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक कहा था कि हमलावरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ एनएसए की भी कार्रवाई की जाएगी।