बिहार में नहीं थम रहा कोरोना का कहर, 2605 नए पॉजिटिव मिले
पटना
बिहार में 2605 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। नए संक्रमितों में 25 जुलाईं को 1294 और 24 जुलाई व इसके पूर्व के 1311 नए संक्रमित मरीज शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य में अबतक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 38,919 हो गई।
पटना में सबसे अधिक 620 नए संक्रमित मिले
पटना में 25 व 24 जुलाईं को मिलाकर सबसे अधिक 620 नए संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। जबकि इसके अतिरिक्त मुजफ्फरपुर में 123, भागलपुर में 71, गया में 112 व पूर्णिया में 54 नए संक्रमित मिले।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 25 जुलाईं को मिले 1294 संक्रमितों में अरवल में 11, औरंगाबाद में 11, बाँका में 21, बेगूसराय में 45, भागलपुर में 28, भोजपुर में 22, बक्सर में 2, दरभंगा में 43, पूर्वी चंपारण में 18, गया में 61, गोपालगंज में 8, जमुई में 61, जहानाबाद में 25, कैमूर में 1, कटिहार में 1, खगड़िया में 14, किशनगंज में 20, लखीसराय में 8, मधेपुरा में 8, मधुबनी में 14, मुंगेर में 36, मुजफ्फरपुर में 111, नालन्दा में 97, नवादा में 34, पटना में 301, पूर्णिया में 20, रोहतास में 55, सासाराम में 1, समस्तीपुर में 28, सारण में 23, शेखपुरा में 17, शिवहर में 6, सीतामढ़ी में 14, सीवान में 16, सुपौल में 60, वैशाली में 32 और पश्चिमी चंपारण में 21 नए संक्रमितों की पहचान की गई।
बिहार में कोरोना संक्रमण के प्रसार से बिगड़ती स्थिति को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश सरकार पर हमला बोला। कोरोना संक्रमण पर एक के बाद लगातार तीन ट्वीट कर तेजस्वी ने नीतीश को आंकड़े दिखाते हुए उनसे तीन सवाल भी पूछा है। तेजस्वी ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35% लोगों की ही जांच हुई है। प्रति 10 लाख पर मात्र 3508 लोगों की जाँच हो रही है जो देश में सबसे कम है। तेजस्वी ने कहा कि बीते 140 दिनों में प्रतिदिन जाँच का औसत सिर्फ़ 3158 है। विगत 2 हफ़्तों से Antigen Tests को छोड़ दें तो आज भी बमुश्किल 3000 जाँच हो रही है।
बिहार में कोरोना संक्रमण की लगातार बढ़ रहे केस को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कैबिनेट मीटिंग ली। मीटिंग के दौरान ही अचानक ही स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मीटिंग ने स्वास्थ्य प्रधान सचिव की शिकायत करते हुए कहा कि वे उनकी बात सुनते ही नहीं हैं। इतना सुनना था कि मुख्यमंत्री नीतीश स्वास्थ्य प्रधान सचिव उमेश सिंह कुमावत भड़क उठे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव को जमकर फटकार लगाई। सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि RTPC टेस्ट 20 हज़ार प्रतिदिन नही हुआ तो कारवाई के लिए तैयार रहें।
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