खंडवा में थर्मल और हाइडल के बाद अब सोलर पावर की तैयारी, पीएम मोदी कर सकते हैं हवाई निरीक्षण
भोपाल। पावर हब खंडवा जिले में थर्मल और हाइडल के बाद अब सोलर पावर की तैयारी चल रही है। इसके लिए ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर में 600 मेगावाट सोलर पावर उत्पादन का लक्ष्य है। परियोजना के प्रथम चरण में करीब 300 मेगावाट के टेंडर होकर कार्य शुरू हो गया है। एनएचडीसी द्वारा करीब 98 मेगावाट क्षमता का प्लांट लगाया जा रहा है।
18 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के अनावरण के लिए ओंकारेश्वर आ रहे हैं। इस दौरान उन्हें विश्व के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का हवाई निरीक्षण करवाने की तैयारी है। इसे देखते हुए 30 सितंबर तक एनएचडीसी द्वारा 20 मेगावाट सोलर विद्युत उत्पादन का लक्ष्य तय कर कार्य किया जा रहा है।
एनएचडीसी के अनुसार फिलहाल सोलर पावर परियोजना का कार्य बाकी है। यहां पैदा होने वाली बिजली कहां देना है यह अभी तय नही है। वहीं, सब स्टेशन का निर्माण भी प्रारंभ नहीं हुआ है। सोलर प्लांट के पेनल संभवत: एक सितंबर तक आना शुरू हो जाएंगे। वहीं, एंकर ब्लाक नीचे प्लेटफार्म आदि की तैयारी हो चुकी है। इस संबंध में प्रदेश शासन के मुख्य सचिव (ऊर्जा) संजय दुबे भी गत दिवस जायजा ले चुके हैं। ओंकारेश्वर बांध परियोजना अंतर्गत इस वर्ष अधिकमास होने से दो माह में आठ सावन सोमवार के चलते तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। इसे देखते हुए नर्मदा नदी का जलस्तर सामान्य रखने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान ओंकारेश्वर पावर स्टेशन, मध्य प्रदेश लोड डिस्पर्स कार्पोरेशन जबलपुर और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सातों सोमवार तथा विशेष पर्व के दौरान बांध से पानी सुविधा के अनुसार छोड़ा गया। इससे कोई दुर्घटना जैसी स्थिति नहीं बनी। ओंकारेश्वर कार्पोरेशन के अनुसार अप्रैल से अभी तक 631 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 568 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ था। बांध के जलस्तर को मशीन टरबाइन चलाकर नियंत्रित किया जा रहा है।
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