बोरवेल इंप्रवाईड टूल कीट, अंडर वाटर कैमरा के सहारे निकाला गया भागीरथ को
brijesh parmar
उज्जैन। बडनगर तहसील के ग्राम झलारिया में पलदूना मार्ग पर गिरे राजस्थान पाली जिला के गुडानला गांव के गडरिया परिवार के ढाई वर्षीय बच्चे भागीरथ पिता पंसाराम उर्फ प्रवीण देवासी को 21 घंटे बाद अचेतन स्थिति में बोरवेल इंप्रवाईड टूल किट डिवाईस एवं अंडर वाटर कैमरा के सहारे अचेतन स्थिति में निकाल लिया गया। निकालने के दौरान उसे नीचे से भी सपोर्ट दिेया गया।
गुरूवार को बच्चा झलारिया गांव में पलदूना मार्ग स्थित अय्यूब खां के खेत के बोरवेल में गिरा था। बच्चा करीब 60-70 फीट गहराई में जाकर फंस गया था। उसे निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान रात 9 बजे से ही शुरू हो गया था। कलेक्टर रोशनकुमारसिंह के अनुसार देर रात को ही भोपाल से एनडीआरएफ ,हरदा-इंदौर से एसडीआरएफ की 200 सदस्यीय टीम ने पहुंचकर रेस्क्यू अभियान को तेज गति दी थी। बच्चे को निकालने के लिए बोरवेल से भी प्रयास किए जा रहे थे एवं पास में एक गड्डा भी खुदाई किया जा रहा था। इसके लिए पर्याप्त संसाधन पोकलेन,जेसीबी का उपयोग किया गया। पत्थर की तुडाई के लिए हैमर मशीन सहित उपयोग में आने वाले इंजीनियरिंग मशीनरी उपलब्ध करवाए गए। पास में केनाल रूपी गड्डा करीब 50 फीट से अधिक खोद दिया गया था। शुक्रवार अपरांह् में बच्चे को बोरवेल से ही निकाला गया है। उसे स्थल पर मौजूद एंबूलेंस से डाक्टर एवं चिकित्सा स्टाफ की मौजूदगी में सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। होमगार्ड के जिला कंमाडेंट संतोष जाट के अनुसार दोहरे विकल्प के साथ रेस्क्यू को अंजाम दिया जा रहा था। बोरवेल एवं पास में कैनाल खुदाई दोनों को बराबर अंजाम दिया जा रहा था। शुक्रवार अपरांह् एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ सह होमगार्ड की टीम को सफलता मिली। हरदा एसडीआरएफ की टीम ने बोरवेल इंप्रवाईड टूल किट एवं अंडर वाटर कैमरा अंदर डाल कर बच्चे को ट्रेक कर उसके हाथों को लूप करते हुए नीचे से सपोर्ट के साथ उपर खीचा गया। धीरे-धीरे खींचने में बच्चा उपर आता गया। टीम को इस तरह से सफलता मिल सकी। इस टूल किट को हरदा एसडीआरएफ ने ही बनाया है और 6 दिसंबर को होमगार्ड स्थापना दिवस पर भोपाल में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के सामने प्रदर्शित किया गया था। इधर बडनगर सिविल अस्पताल के चिकित्साधिकारी सुयश श्रीवास्तव के अनुसार शाम को बच्चे को एंबूलेंस से लाया गया था। उसकी मृत्यु हो चुकी थी । पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सुपूर्द किया गया है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार बच्चा एवं उसका परिवार पिछले कई सालों से अय्यूब के खेत में भेड बैठाते आए हैं। उनका वर्षों से यहां आना रहा है। राजस्थान से हर वर्ष इस रास्ते पर आने के दौरान वे अपना डेरा यही लगाते रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में मर्ग कायम कर जांच करवाई जाएगी। खास बात यह है कि भागीरथ शुक्रवार को राजस्थान के पाली जिले के लिए परिवार के साथ रवाना होने वाला था। वहां पर पारिवारिक विवाह समारोह में उसे शामिल होना था। उसकी मौसी के अनुसार मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चाहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह गहरे बोरवेल में गिर गया। खेत मालिक अय्यूब खां के अनुसार बोरवेल ढंका हुआ था। मृतक भागीरथ के फूफा पारस के अनुसार बच्चा गुरूवार देर शाम को भेडों को घेरने के दौरान बोरवेल के पास खेल रहा था। उसने ढककन को धक्का देकर उसमें अपना एक पांव डालकर बैठने की कोशिश की थी जिसे उसकी मां ने भी देखा था और उसी दौरान बच्चा बोरवेल में समा गया था।
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