मेडिकल पैकेट के ₹230 देने के बावजूद उपभोक्ता को मिली कम मात्रा

मेडिकल पैकेट के ₹230 देने के बावजूद उपभोक्ता को मिली कम मात्रा

जयपुर।  उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार उपभोक्ता हितों की सुरक्षा एवं मेडिकल तथा हेल्थकेयर उत्पादों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत जयपुर स्थित शिवानी मेडिप्रो प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान Absorbent Cotton Wool, Stretched Band, Syringe, Cannula, Bandage सहित विभिन्न मेडिकल/हेल्थकेयर उत्पादों की जांच की गई।

₹230 पूरे, लेकिन 200 ग्राम की जगह औसतन 186.32 ग्राम

जांच के दौरान 200 ग्राम घोषित Absorbent Cotton Wool, जिसका MRP ₹230/- है, की मात्रा की जांच की गई। जांच में इसकी औसत मात्रा मात्र 186.32 ग्राम पाई गई।

अर्थात प्रत्येक पैकेट में औसतन 13.68 ग्राम की कमी, यानी घोषित मात्रा से 6.84 प्रतिशत कम मात्रा पाई गई।

₹230 के MRP के आधार पर यह कमी लगभग ₹15.73 प्रति पैकेट के उत्पाद मूल्य के बराबर है।

यानी उपभोक्ता से पूरी ₹230 की कीमत ली जा रही थी जबकि उसे घोषित 200 ग्राम की तुलना में औसतन 13.68 ग्राम कम उत्पाद मिल रहा था।
1,000 पैकेट, कुल 200 किलोग्राम Absorbent Cotton Wool जब्त
मौके से कुल 1,000 पैकेट Absorbent Cotton Wool, जिनका कुल घोषित वजन 200 किलोग्राम था, जब्त किए गए।
मेडिकल उत्पादों में ऐसी कमी सीधे उस उपभोक्ता को प्रभावित करती है जो पैकेज पर अंकित मात्रा पर भरोसा करके उत्पाद खरीदता है , विशेषकर तब, जब उत्पाद मरीज की आवश्यकता से जुड़ा हो।

मात्रा के साथ पैकेजिंग में भी अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान विधिक मापविज्ञान नियमों के अंतर्गत आवश्यक घोषणाएं नहीं पाये जाने पर शिवानी मेडिप्रो प्राइवेट लिमिटेड को विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किया गया है।
उल्लंघनों के संबंध में ₹65,000 का जुर्माना लगाया गया। साथ ही कमियों के सुधार हेतु इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया तथा सुधार होने तक संबंधित उत्पाद की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए।
 
विभागीय जांच दल द्वारा TNX Surgical Pvt. Ltd., जयपुर की भी जाँच की गई जिसमें संबंधित मेडिकल उत्पाद विधिक मापविज्ञान के प्रावधानों के अनुरूप पाए गए।

मेडिकल क्षेत्र में उपभोक्ता के भरोसे से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

मेडिकल एवं हेल्थकेयर उत्पादों की खरीद में उपभोक्ता अक्सर पैकेज पर घोषित मात्रा और विवरण पर निर्भर करता है। इसलिए पूरी कीमत लेकर घोषित मात्रा से कम उत्पाद उपलब्ध कराना उपभोक्ता के विश्वास और आर्थिक हितों दोनों को प्रभावित करता है।

मेडिकल उत्पादों के मामले में यह विषय और भी संवेदनशील है, क्योंकि इन्हें मरीज एवं उनके परिजन अक्सर तत्काल आवश्यकता और उपचार की स्थिति में खरीदते हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता पैकेज पर अंकित मात्रा को सही मानकर खरीद करता है और वास्तविक मात्रा में कमी का पता लगाना उसके लिए सामान्यतः संभव नहीं होता।

विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ द्वारा मेडिकल एवं हेल्थकेयर सेक्टर में पैकेज्ड उत्पादों की घोषित बनाम वास्तविक मात्रा, एमआरपी, अनिवार्य घोषणाओं, पैकर/निर्माता विवरण तथा माप-तौल उपकरणों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।

स्पष्ट संदेश—मरीज की आवश्यकता और उपभोक्ता के भरोसे का लाभ उठाकर मात्रा में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।
विभाग द्वारा सम्पूर्ण राज्य में 103 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 4 लाख 61 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

उपभोक्ता शिकायत के लिए हेल्पलाइन

किसी भी उपभोक्ता को मेडिकल या अन्य पैकेज्ड उत्पाद में कम मात्रा, अनिवार्य घोषणाओं की कमी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर शिकायत करने के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर संपर्क किया जा सकता है।