लाखों की कार में चल रहा था करोड़ों का क्रिकेट सट्टा

लाखों की कार में चल रहा था करोड़ों का क्रिकेट सट्टा

माधवनगर और सायबर सेल की टीम ने पकड़ा अंतर्राज्यीय क्रिकेट सट्टा गिरोह

brijesh parmar
उज्जैन। उज्जैन में माधवनगर थाना पुलिस और सायबर सेल ने ऋषिनगर से होण्डा जेएस कार को रोककर उसमें सवार पुणे निवासी दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में जो जानकारी सामने आई तो पुलिस भी हैरत में पकड़ गई। कार में सवार युवक आॅन लाईन सट्टा चला रहे थे। जिसका हिसाब भी करोड़ों रुपए में सामने आया। आरोपियों की निशानदेही पर से पुलिस ने उज्जैन के रहने वाले 3 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 5 लाख 27 रुपए जब्त किए गए है।
पुलिस को महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाले कुछ सट्टा चलाने वालों के बारे में जानकारी मिली थी। सट्टा संचालित करने वाले आनलाईन लिंक के माध्यम से आईडी पासवर्ड जारी कर बड़ी संख्या में क्रिकेट सहित अन्य खेलों का सट्टा चला रहे थे।
इसी सूचना के जरीए पुलिस की टीम ने ऋषिनगर से होण्डा जेएस कार क्रमांक एमपी 13 सीसी 2534 में सवार प्रभात उर्फ यश उर्फ कुनाल पिता नारायण प्रसाद चौहान 43 साल और उसके प्रकाश पिता नारायण प्रसाद 50 साल निवासी सी 70 ऋषिनगर को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 27 हजार रुपए नगद, सट्टा मशीन, चार मोबाइल और एक लेपटॉप जब्त किया।

अंजूश्री होटल से पकड़ाए सरगना

दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई तो उन्होने पंकज उर्फ पवन पिता दिलीप वरियानी 41 साल और उसका छोटा भाई आशीष पिता दिलीप वरियानी 34 निवासी मेरी गोल्ड विमाननगर पुणे महाराष्ट्र के नाम बताए। दोनों आरोपी इंदौर रोड स्थित होटल अंजूश्री में ठहरे हुए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ढाई-ढाई लाख रुपए और मोबाइल जब्त किए है।

दो आरोपी फरार

प्रभात की निशानदेही पर से पुलिस ने रवि पिता जालिमसिंह चौहान 38 साल निवासी इंद्ररानगर नागझिरी और दीपक पिता पन्नालाल प्रजापति 30 साल निवासी ऋषिनगर और शरद पिता देवीसिंह चौहान 42 साल निवासी देसाईनगर को गिरफ्तार किया। इसके अलावा जयेश आहुजा निवासी शास्त्रीनगर और राकेश यादव निवासी नानाखेड़ा फरार बताए जा रहे है।
जारी होता है आईडी पासवर्ड
गिरफ्तार आरोपी एडमीन बनकर आॅनलाईन लिंक के माध्यम से क्लाईट को करीब 10 हजार रुपये से लेकर। लाख रुपये तक का बैलेस डलवाकर आईडी एवं पासवर्ड विक्रय करता था। फिर क्लार्इंट अपने कस्टमर को रूपयो के बदले आईडी पासवर्ड देता था। जिसके माध्यम से आॅनलाईन क्रिक्रेट सट्टा-धोखाधड़ी कर हार जीत का दांव लगाते थे। इसके अतिरिक्त आरोपी सूटकेस नुमा आनलाईन क्रिकेट सट्टा कारोबार की मशीन के माध्यम से भी आॅनलाईन क्रिकेट सट्टा/धोखाधड़ी कर करोडो रूपयो की हार जीत का दांव लगाते थे।