मंत्रालय में पर्चा, अधिकारियों में चर्चा

मंत्रालय में पर्चा, अधिकारियों में चर्चा
भोपाल। हनी ट्रेप मामले में आधा दर्जन से ज्यादा आरोपियों के पकड़े जाने और इंदौर पुलिस के बयान के बाद प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच प्रदेश के आला अधिकारियों से जुड़ा एक कथित पर्चा वायरल हो रहा है, जिसकी मंत्रालय में जमकर चर्चा हो रही है। पर्चे में लिखा है कि अधिकािरयों की पत्नियां प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में मोटी वेतन लेती है, जबकि ऐसा नहीं है। अधिकारियों की अवैध संपत्ति एवं उनके शौक को लेकर प्रधानमंत्री से शिकायत की गई है। पर्चे में करीब 9 अफसरों के नाम बताए हैं, जिनमें एक महिला अधिकारी का नाम भी है। पर्चे में अधिकारियों को शौकीन बताया गया है। तीन पेज का पत्र प्रधानमंत्री के नाम लिखा गया है, जिसमें अफसरों की काली कमाई, उनके रंगमिजाज जीवनशैली के बारे में बताया गया है। पत्र में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई एवं उनके विदेश दौरे की जांच की मांग की गई है। साथ ही कहा है कि अधिकारियों के बच्चे विदेशों में महंगे स्कूल, कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। अधिकारियों को महाभ्रष्ट बताया गया है और काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए ये मेडिकल कॉलेज, बिल्डरों का भी सहयोग लेते हैं। मेडिकल कॉलेजों से हर महीने पत्नियों को मोटी सेलरी मिलना बताया जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। इस कृत्य की जांच की मांग की गई है। पत्र ऐसे समय में आया है, जब हनी ट्रेप मामले में शासन और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हनी ट्रेप को लेकर कई अधिकारियों की नाम की चर्चा है। इस बीच जो पत्र सामने आया है, उसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। कथित पत्र से अधिकारियों की छवि खराब करने को कोशिश हो सकती है। हालांकि पत्र के संबंध में अभी तक पुलिस ने भी किसी तरह की जांच पड़ताल शुरू नहीं की, न ही शासन की ओर से कोई बयान सामने आया है।