MP में सैनिक स्कूल को लेकर अड़े शिक्षा मंत्री विजय शाह, सीएम की भी नहीं सुन रहे
भोपाल।
चुनावी साल में खुद की उपलब्धियां गिनाने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह अपने विधानसभा क्षेत्र हरसूद (खंडवा) में सैनिक स्कूल खोलने पर अड़ गए हैं जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर और भिंड में सैनिक स्कूल खुलवाना चाहते हैं।
इसे लेकर नौ महीने से फाइल चल रही है लेकिन फैसला नहीं हो पा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग दिसंबर 2017 से अब तक दो बार इसकी फाइल सीएम सचिवालय को भेज चुका है, दोनों बार मंत्री ने प्रस्तावित स्कूल के लिए हरसूद का नाम जुड़वा दिया, लेकिन सीएम ने सागर-भिंड पर ही सहमति जताई। अब तीसरी बार फाइल भेजी जा रही है।
सेना की ऑफिसर रैंक में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कम है। इसे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न् स्तर पर सैनिक प्रशिक्षण और अकादमिक गतिविधियों पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में सागर और भिंड में सैनिक स्कूल खोलने के प्रयास चल रहे हैं।
भिंड के सांसद भागीरथ प्रसाद भी इसके लिए प्रयासरत रहे हैं और मुख्यमंत्री भी घोषणा कर चुके हैं। भिंड में स्कूल के लिए जमीन का चयन भी कर लिया गया है। अब मंत्री शाह हरसूद में स्कूल खोलने पर अड़ गए। इस संबंध में मंत्री विजय शाह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
भिंड से सबसे ज्यादा सैनिक होने का तर्क
भिंड में सैनिक स्कूल खोलने के पीछे सरकार का तर्क है कि प्रदेश में जिले के सर्वाधिक युवा सेना में जाते हैं। युवाओं में सेना में जाने को लेकर उत्साह भी है। सागर काफी पुराना कैंट क्षेत्र है इसलिए सैनिक स्कूल के लिए यह उपयुक्त है।
नई परेशानी, वित्त विभाग पैसा देने को तैयार नहीं
सूत्रों के मुताबिक दोनों स्कूलों के लिए भवन बनाने और अन्य संसाधन जुटाने के लिए करीब 144 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। वित्त विभाग इन स्कूलों पर राशि खर्च करने को तैयार नहीं है। विभाग का तर्क है कि मध्य प्रदेश के सिर्फ 30 फीसदी बच्चों के लिए सीटें आरक्षित होंगी। इसके लिए इतनी बड़ी राशि खर्च नहीं की जा सकती है।
दोनों शहरों में स्कूल खोलने को लेकर मुख्यमंत्री चौहान मंत्रालय को पत्र भी लिख चुके हैं और मंत्रालय इससे सहमत भी है, लेकिन स्कूल भवन निर्माण पर राशि कौन खर्च करेगा, इसे लेकर भी फैसला अटका हुआ है।
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