बैतूल, जिले के शाहपुर में मंगलवार को एक अजीब सियासी ड्रामा देखने को मिला। यहां बीजेपी दफ्तर के उद्घाटन कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे कांग्रेस विधायक ब्रम्हा भलावी ने आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें 50 करोड़ में खरीदना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अफसरों और बीजेपी ने गलत जानकारी देकर इस कार्यक्रम में उन्हें बुला लिया। फिर व्हाट्सएप पर उनका एक मैसेज वायरल हुआ जिसमें लिखा था, " ये कांग्रेस के सम्मान की लड़ाई है। मुझे आप सबका सहयोग चाहिए।" भलावी घोड़ाडोंगरी से विधायक हैं।
विधायक के मुताबिक 2018 में भाजपा नेताओं ने उन्हें कांग्रेस छोड़ने के बदले 50 करोड़ रुपए और भोपाल-इंदौर शहर में आलीशान फ्लैट देने की पेशकश की थी। अगर उन्हें बीजेपी में जाना होता तो तभी चले जाते।
हालांकि वह कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर बाहर आ गए और भाजपा और प्रशासन पर कार्यक्रम की गलत जानकारी देने और बदनाम करने का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गए। काफी मान मनौव्वल के बाद विधायक धरने से उठे। विधायक सहित कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें केवल शॉपिंग काम्प्लेक्स के उद्घाटन की सूचना दी गई थी, लेकिन गलत जानकारी देकर भाजपा अपने पार्टी कार्यक्रम में ले गई। उन्होंने भाजपा से नजदीकियों की बात का खंडन किया।
विधायक के अनुसार, उन्हें धोखे में रखा गया। बाद में शाहपुर जनपद पंचायत सीईओ ने उनसे माफी मांगी। अब कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी पर इस मामले में कार्रवाई हो सकती है। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर में जनपद पंचायत की ओर से बनाए गए एक शॉपिंग कांप्लेक्स का उद्घाटन होना था।
इसमें प्रोटोकॉल के मुताबिक क्षेत्र के विधायक ब्रम्हा भलावी भी पहुंचे थे। कॉप्लेक्स के उद्घाटन के साथ ही भाजपा ने अपनी पार्टी कार्यालय का उद्घाटन भी उनकी मौदूदगी में ही कर लिया। उन्हें भाजपा के मंच पर बैठाया गया। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू किया तो विधायक कार्यक्रम छोड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्होंने अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं पर गलत जानकारी देने और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।