कोरोना से खत्म हुई बेटी की जिंदगी, मां को एंबुलेंस नहीं मिली ऑटो में लादी लाश
गुरुग्राम
हरियाणा में गुरुग्राम जिला कोरोना की सबसे ज्यादा मार झेल रहा है। यहां के सभी कोविड हॉस्पिटल फुल हैं और अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। जिन लोगों की कोरेाना से जान जा रही हैं, उनके परिजन कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यहां एक 68 वर्षीय महिला, जिसकी बेटी की कोरोना से मौत हो गई थी... उसके लिए एंबुलेंस नहीं मिली। ऐसे में बेटी की लाश को ऑटो में रखना पड़ा। अपनी पीड़ा बताते मां रोने लगी। मां ने कहा, "ये ऑटो में मेरी बेटी की लाश है। एक माँ के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है? मुझे उम्मीद है कि नेता-मंत्री भी ऐसी ही पीड़ा से गुजरेंगे।"
वहीं, एक अन्य कोरोना मरीज के परिजनों ने कहा कि, वे भी लाश को अपने वाहन में ले जाने को मजबूर हैं। क्योंकि, एंबुलेंस नहीं मिली तो मोमजामा में पैक लाश को खुद की वैन में लेकर ही श्मशान रवाना हुए। अस्पताल के बाहर मौजूद एक महिला बोली, दाह संस्कार के लिए गुरुग्राम में एम्बुलेंस के अभाव में लोग लाशों को ऑटो-रिक्शा और निजी वाहनों में ले जाने के लिए मजबूर हैं।
धारा 144 का सख्ती से पालन करने के निर्देश
इधर, राज्य के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने राज्य में धारा 144 लागू करवा दी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को धारा 144 का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में निजी व सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता तथा वेंटिलेटर सहित अन्य जरूरतों का खाका गुरुवार सुबह 10 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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