दिवाली पर सस्ते आभूषण के फेर से बचें, क्या करें, क्या न करें

दिवाली पर सस्ते आभूषण के फेर से बचें, क्या करें, क्या न करें

 लखनऊ 
यदि आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो सावधान रहें! इस त्योहारी सीजन में आभूषण की बढ़ी मांग को देखकर नक्काल ज्वेलर्स सोने में एक खास तरह का पाउडर मिला रहे हैं। भारी भरकम छूट और ढेरों ऑफरों के बीच कई बार ग्राहक यही आभूषण खरीदकर धोखा खा जाता है।

सीमेंट जैसा पाउडर मिला रहे आभूषण में
ग्राहक इस बात को नहीं समझ रहे कि सोने का दाम आसमान पर होने के बावजूद गहने सस्ते कैसे मिल रहे हैं। यह बात अलग है कि कुछ दुकानदारों के पास पुराना स्टाक हो सकता है। लेकिन इसी की आड़ में आजकल सोने की ठगी का भी कारोबार भी शुरू हो गया है। लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी कहते हैं कि सोने में पाउडर मिलाकर आभूषण की बिक्री से केवल ग्राहक ही नहीं, बल्कि ज्वेलर्स भी परेशान हैं। क्योंकि जिस आभूषण में सीमेंट जैसा यह पाउडर मिलाया जा रहा है उसकी जांच आसान नहीं। वह कहते हैं कि जब तक गहना गलाया नहीं जाएगा इसकी जानकारी करना मुश्किल है।

जालसाजी से बचने का केवल एक उपाय ‘हालमार्क'
लखनऊ में हॉलमार्क एजेंसी चलाने वाले उमेश पाटिल बताते हैं कि पाउडर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल जंजीर वाले आभूषण बनाने में किया जा रहा है। वह कहते हैं कि यह पाउडर हॉलमार्क में एक्सरे करके पता नहीं किया जा सकता।

कीमत को लेकर सावधान
सोने के आभूषण कभी भी 24 कैरेट सोने से नहीं बनते हैं। यह 22 कैरेट में बनते हैं और 24 कैरेट सोने से सस्ते होते है। इसलिए जब भी सोने के आभूषण खरीदें तो यह ध्यान रखें कि जौहरी आपसे 22 कैरेट के हिसाब से पैसा ले रहा है कि नहीं। ज्वेलर्स से शुद्धता और कीमत को पर्ची पर जरूर लिखवाएं।