मेट्रो और मोनो रेल पर भी नजर, मोदी की दूसरी पारी में 'नई काशी' बसाने का काम शुरू

मेट्रो और मोनो रेल पर भी नजर, मोदी की दूसरी पारी में 'नई काशी' बसाने का काम शुरू

 वाराणसी 
प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की दूसरी पारी शुरू होने से पहले ही उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सपने साकार होने की दिशा में कदम बढ़ गए हैं। रिंग रोड, मल्‍टिस्‍टोरी पार्किंग, मेट्रो, मोनो रेल और विकास से जुड़ी अन्य तमाम परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। शहर की तमाम समस्‍याओं का कारण आबादी के दबाव को मानते हुए 'नई काशी' बसाने को पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में सर्वोच्‍च प्राथमिकता मिली है। धर्म नगरी काशी को विकास की दृष्टि से भी विश्‍व की अद्भुत नगरी बनाने के संकेत दो दिन पहले ही वाराणसी आए प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने दिए थे। इसको अमली जामा पहनाने की जिम्‍मेदारी यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को सौंपे जाने से विकास योजनाओं को पंख लगे हैं। रिंग रोड किनारे नई टाउनशिप विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित करने के साथ प्राइवेट आर्किटेक्‍ट से नक्‍शा तैयार कराने की कवायद शुरू हो गई है। 

ऐसे बसेगी 'नई काशी' 
विकास प्राधिकरण के उपाध्‍यक्ष राजेश कुमार ने बताया, 'भारत सरकार ने अमृत योजना के तहत नई टाउनशिप विकसित करने को कहा है। इसका प्रस्‍ताव तैयार करने के लिए दो करोड़ रुपये भी जारी कर दिए हैं। प्रथम चरण में रिंग रोड के किनारे 250 हेक्‍टेयर में नई काशी बसेगी। प्रस्‍तावित टाउनशिप को विकास प्राधिकरण विकसित करेगा लेकिन जमीन बेचने का अधिकार किसानों के पास ही रहेगा। विकसित करने के बाद प्राधिकरण जमीन किसानों को सौंप देगा।' 

राजेश कुमार ने आगे कहा, 'किसान सीधे जमीन बेच सकेंगे लेकन उन्‍हें प्राधिकरण की शर्तें माननी होंगी। इस पहल से बिचौलिए दूर रहेंगे और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। टाउनशिप विकसित करने पर होने वाले खर्च को निकालने के लिए प्राधिकरण विकसित जमीन का 15 फीसदी हिस्‍सा लेगा। नई टाउनशिप में सड़क, बिजली, पानी, स्‍ट्रीट लाइट, ग्रीन बेल्‍ट, विद्युत उपकेंद्र, पार्क, हॉस्पिटल, स्‍कूल-कालेज आदि सुविधाएं होंगी। मुख्‍य सड़क 30 मीटर चौड़ी होगी। इसके बाद 24 मीटर और अंदर की सड़कें नौ मीटर चौड़ी होंगी।' 

मेट्रो की फाइल दिल्‍ली तलब 
वाराणसी शहर में सबसे बड़ी जाम की समस्‍या से निबटने के लिए पीएमओ ने मेट्रो और मोनो रेल परियोजना से जुड़ी जानकारी मांगी है। ऐसे में वाराणसी के भी मेट्रो वाले शहर की श्रेणी में आने की उम्‍मीद जगी है। बाबतपुर एयरपोर्ट से एक छोर बीएचयू और दूसरे छोर राजघाट और आगे मुगलसराय तक मेट्रो और शहर में मोनो रेल चलाया जाना प्रस्‍तावित है। उधर शहर के प्रमुख गोदौलिया चौराहे पर मल्‍टि स्‍टोरी पार्किंग बनाने में आ रही बाधाओं को दूर करने में नगर निगम, बिजली विभाग और सीपीडब्‍लयूडी के अधिकारी जुटे हैं। स्‍मार्ट सिटी योजना के तहत 18 करोड़ की लागत से मल्‍टि स्‍टोरी पार्किंग बननी है।