ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक, अमेरिका को देना पडेगा टैरिफ रिफंड, जानें किसे मिलेगा फायदा
नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देकर रद्द कर दिया है। इस फैसले का असर न सिर्फ अमेरिका की घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि भारत समेत कई देशों के साथ उसके व्यापारिक रिश्तों पर भी दिखाई देगा।
कई देशों के लिए यह फैसला राहत
हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहले से लागू भारी रेसिप्रोकल टैरिफ की तुलना में काफी कम है। ऐसे में कई देशों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है। अब सबसे अहम सवाल यह उठ रहा है कि क्या अमेरिका पहले वसूले गए टैरिफ की रकम लौटाएगा? और अगर हां, तो किन लोगों को इसका लाभ मिलेगा?
भारत सहित कई देशों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारत, कनाडा, चीन, मैक्सिको, ब्राजील सहित वे सभी देश प्रभावित होंगे, जिन पर ट्रंप प्रशासन ने ऊंचे रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए थे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लागू टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को हटाकर अब 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% का अस्थायी टैरिफ लागू किया गया है। जब तक कोई नया कानूनी प्रावधान नहीं आता, तब तक यही टैरिफ प्रभावी रहेगा।
भारत के अलावा, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया पर टैरिफ 15% से घटकर 10%, वियतनाम पर टैरिफ 20% से घटकर 10% हो जाएगा।
क्या अमेरिका देगा टैरिफ रिफंड?
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ नीति के जरिए अमेरिका के लिए लंबे समय में भारी राजस्व जुटाने का दावा किया था। साल 2025 में ही अमेरिका को इससे करीब 200 अरब डॉलर की कमाई हुई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस रकम के एक हिस्से को लौटाने की संभावना बन गई है।
एक प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, US Chamber of Commerce ने कहा है कि ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ रद्द होने के बाद भारत और ब्राजील से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर वसूले गए टैरिफ का रिफंड दिया जा सकता है।
टैरिफ रिफंड के लिए कौन होगा पात्र?
अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार वे अमेरिकी आयातक, जिन्होंने सीधे तौर पर टैरिफ का भुगतान किया या वे कंपनियां/व्यक्ति, जिन्होंने कस्टम क्लियरेंस के बाद माल का स्वामित्व हासिल किया टैरिफ रिफंड के लिए पात्र माने जाएंगे।
किन मामलों में नहीं मिलेगा रिफंड?
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कारोबारियों ने सीधे टैरिफ का भुगतान नहीं किया, उन्हें रिफंड का लाभ नहीं मिलेगा। सिर्फ वही शुल्क वापस किए जाएंगे, जो IEEPA कानून के तहत लगाए गए थे।
छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत
US Chamber of Commerce के कार्यकारी उपाध्यक्ष और चीफ स्ट्रैटेजिक ऑफिसर नील ब्रैडली के मुताबिक, बीते एक साल में ट्रंप के टैरिफ की वजह से अमेरिका के छोटे और मध्यम कारोबारियों को लागत बढ़ने और सप्लाई चेन में रुकावट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि टैरिफ रिफंड से करीब 2 लाख छोटे इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी और इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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