रायबरेली में हुए सड़क हादसे की जांच के लिए एसआईटी बनी

रायबरेली में हुए सड़क हादसे की जांच के लिए एसआईटी बनी

 लखनऊ 
रेप के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दर्ज मुकदमे की मुख्य गवाह के साथ रायबरेली में हुए सड़क हादसे की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। यह जांच तब तक चलती रहेगी जब तक सीबीआई इस मामले की जांच नहीं शुरू कर देती है। रायबरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शशि शेखर को इसका प्रमुख बनाया गया है। 

यह जानकारी प्रदेश के आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सोमवार को ही हादसे की जांच सीबीआई से कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है। सीबीआई के स्तर से इस मामले की जांच अपने हाथ में लिए जाने तक प्रदेश पुलिस अपनी जांच जारी रखेगी, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं से जुड़े तथ्य जुटाए जा सकें। 

रायबरेली के एएसपी शशि शेखर की अगुवाई में गठित इस एसआईटी में तीन क्षेत्राधिकारियों (सीओ) गोपीनाथ सोनी, लक्ष्मीकांत गौतम व आरपी शाही को भी शामिल किया गया है। तीनों सीओ की अगुवाई में तीन अलग-अलग टीमें घटना से जुड़े सभी बिन्दुओं की जांच कर रही हैं। 

उन्होंने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रक के ड्राइवर आशीष पाल व क्लीनर मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ के लिए एसआईटी कोर्ट से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी। ट्रक मालिक देवेन्द्र किशोर पाल से भी एसआईटी सीआरपीसी की धारा -160 के तहत पूछताछ कर रही है। यह आगे भी जारी रहेगी। 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि रेप पीड़िता की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के बारे में परिवार की तरफ से भी आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच एसपी अपने स्तर से कर रहे हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि रायबरेली जेल में निरुद्ध महेश सिंह को पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए हाईकोर्ट ने शार्ट टर्म बेल दी है। अंतिम संस्कार के लिए परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।