लड़ाकू विमान तेजस में राजनाथ ने भरी उड़ान, ऐसा करने वाले पहले रक्षा मंत्री
बेंगलुरु
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार सुबह स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान में सफल उड़ान भरी। तेजस में उड़ान भरकर राजनाथ सिंह ने एक नया इतिहास बनाया है। वह तेजस में उड़ान भरने वाले देश के पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। तेजस में सवार होने से पहले राजनाथ ने पायलट की यूनिफॉर्म पहने एक फोटो ट्वीट किया जिसके साथ लिखा था, 'सारी तैयारी हो चुकी है।'
इससे पहले पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने लड़ाकू विमान सुखोई में उड़ान भरी थी। जहां सुखोई दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है वहीं तेजस एक इंजन का है। माना जा रहा है कि स्वदेशी पर भरोसा जताने और प्रमोट करने का संदेश देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस में उड़ान भरने का फैसला लिया था।
हाल ही में हुई थी तेजस की अरेस्ट लैंडिंग
तेजस के नौसेना संस्करण की सफल अरेस्ट लैंडिंग की गई थी। इस लैंडिंग के दौरान नीचे से लगे तारों की मदद से विमान की रफ्तार कम कर दी जाती है। इस तरह से तेजस ने विमान वाहक पोत पर उतरने की अपनी काबिलियत दिखाई थी।
चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत
जानकारी के मुताबिक, तेजस की स्पीड उस वक्त 244 किलोमीटर प्रति घंटा थी और सिर्फ 2 सेकंड में उसे जीरो कर लैंड करके दिखाया गया। स्वदेशी तकनीक से विकसित भारत के इस हल्के लड़ाकू विमान के ‘अरेस्टेड लैंडिंग’ से जुड़े सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इस सफल परीक्षण से भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में पहुंच गया है जो विमानवाहक पोत पर उतरने में सक्षम जेट विमान का डिजाइन तैयार करने में समर्थ है।
डीआरडीओ कर रहा विकास
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) एयरॉनोटिकल डिवेलपमेंट एजेंसी, हिंदुस्तान एयरॉनोटिक्स लिमिटेड के एयरक्रॉफ्ट रिसर्च ऐंड डिजाइन सेंटर और सीएसआईआर के साथ मिलकर तेजस के इस नौसेना संस्करण के विकास में जुटा है।
वायुसेना में शामिल हो चुका है तेजस
गौरतलब है कि वायुसेना तेजस विमानों की एक खेप अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है। शुरू में हिंदुस्तान एयरॉनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 40 तेजस विमानों के लिए आर्डर दिया गया था। पिछले साल वायुसेना ने 50,000 करोड़ रुपये में 83 और तेजस विमानों की खरीद के लिए एचएएल को अनुरोध प्रस्ताव दिया था।
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