सड़क हादसों में 12 फीसदी मौतों का बना कारण ड्राइविंग  

सड़क हादसों में 12 फीसदी मौतों का बना कारण ड्राइविंग  

 लखनऊ 
मोबाइल क्रांति आने के बाद अपनों से संवाद और संपर्क में सहुलियतें बढ़ी हैं। हर समय अपनों की सूचनाएं मिल रही हैं। इस मोबाइल क्रांति का एक स्याह पक्ष भी सामने आया है जो चिंतित करने वाला है। सड़क हादसों में होने वाली 12 फीसदी मौतों का कारण वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बातचीत किया जाना पाया गया है। सड़क हादसों के ये आंकड़ें चौंकाने वाले हैं। मोबाइल फोन की अपेक्षा शराब पीने के कारण होने वाले हादसों व मौतों का ग्राफ थोड़ा सा छोटा है।

राज्य में सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित रफ्तार है। इसकी वजह से होने वाले हादसों व मौतों का आकड़ा 37 फीसदी है। दूसरा सबसे बड़ा कारण वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग किया जाना है, इसकी वजह से 12 फीसदी हादसे व मौतें हो रही हैं। तीसरे नंबर पर नियम विरुद्ध गलत दिशा से वाहन चलाना है। इस कारण से होने वाली मौतों का ग्राफ 11 फीसदी है। 

शराब पीकर वाहन चलाने के कारण होने वाले हादसों के कारण 10 फीसदी जनहानि होती है। एक फीसदी मौत का कारण रेड लाइट के प्रतिबंधों को तोड़ने के कारण तथा 29 फीसदी मौतों में अन्य सभी कारण शामिल हैं। 

राज्य में सबसे अधिक हादसे नेशनल हाइवे पर

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं नेशनल हाइवे पर हो रही हैं। कुल दुर्घटनाओं का 38 फीसदी नेशनल हाइवे पर होना पाया गया है। वहीं राज्य  के स्टेट हाइवे पर 30 फीसदी दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुर्घटनाओं के इस ग्राफ में एक्सप्रेस-वे का ग्राफ काफी नीचे महज एक फीसदी है। प्रमुख जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग व ग्रामीण सड़कों पर 31 फीसदी हादसे होना पाया गया है। 

हादसों पर नियंत्रण के लिए उठाए गए हैं कई कदम

हादसों की संख्या को न्यूनतम करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। हादसों के लिहाज से खतरनाक ब्लैक स्पाट को चिन्हित कर वहां सड़क में सुधार किए जा रहे हैं। ब्लैक स्पाट का विशेष रोड सेफ्टी आडिट भी कराया जा रहा है। सड़कों के किनारे के अवैध ढाबों को हटवाने की कार्यवाही भी चल रही है। इन अवैध ढाबों के कारण सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन हादसों का प्रमुख कारण बनते हैं। राज्यमार्गों व स्टेट हाइवे पर सफेद फ्लोरसेंट पेंट कराए जा रहे हैं ताकि वाहन चालकों को सड़क की सीमा दिखती रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग पर जहां आबादी क्षेत्र है वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का काम भी चल रहा है। गति सीमा के लिए डिस्प्ले बोर्ड सभी प्रमुख मार्गों पर लगाए जा रहे हैं।