हरियाणा: बस कंडक्टर बन महिलाएं तोड़ रहीं बेड़ियां
जींद
टीचर से बस कंडक्टर बनीं 41 साल की भतेरी देवी हरियाणा में पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती दे रही हैं। पोस्टग्रैजुएट और नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वॉलिफाई कर चुकीं भतेरी देवी हरियाणा रोडवेज की चुनी हुई 8 महिलाओं में से हैं जिन्हें कंडक्टर बनाया गया है। पहली बार परिवहन विभाग ने कंडक्टर की पर्मानेंट पोस्ट के लिए महिलाओं को नियुक्त किया है।
देवी ने शनिवार को राज रानी, कविका रानी के साथ जींद डिपो पर ड्यूटी जॉइन की। हैबतपुर गांव की रहने वाली देवी MA, BEd कर चुकी हैं और NET और हरियाणा NET भी क्वॉलिफाई कर चुकी हैं। वह टीचर बनन चाहती थीं लेकिन पिछले 10 साल में सरकारी नौकरी न मिलने पर उन्होंने हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर के लिए अप्लाई किया। उनके पति की फर्निचर की दुकान है और उनके दो बच्चों हैं। वह बताती हैं कि ऐसा काम करने में जो आमतौर पर पुरुष करते हैं, उन्हें परिवार का पूरा सहारा मिला है।
लड़कियों के लिए प्रेरणा
मोरकी गांव की रहने वाली कविता रानी भी ग्रैजुएट हैं और इस नौकरी में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। कविता ने BCom फाइल इयर में हरियाणा में 5वां स्थान हासिल किया था। वह अपनी पढ़ाई जारी करना चाहती हैं लेकिन इस बात के लिए भी उत्साहित हैं कि वह लड़कियों को जींद जैसे पिछड़े इलाके से आकर यह नौकरी करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
हिसार के नरनौंद ब्लॉक से अपनी पत्नी के साथ सफर कर रहे जय भगवान ने कहा कि वह एक महिला कंडक्टर को देखकर खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि लोग उनका सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि लड़कियां हर फील्ड में आगे जा रही हैं और समाज को इस बदलाव को स्वीकार करना होगा। अडिशनल चीफ सेक्रटरी, ट्रांसपोर्ट धनपत सिंह ने कहा कि ये महिलाएं दूसरों के लिए प्रेरणा साबित होंगी। उन्होंने कहा कि शादीशुदा महिलाओं को घर के पास और अविवाहित महिलाओं को होम डिस्ट्रिक्ट में ही पोस्टिंग देने की योजना है जिससे कि वे समय पर घर पहुंच सकें।
bhavtarini.com@gmail.com

