कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, घटी थोक महंगाई

कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, घटी थोक महंगाई

नई दिल्ली

कोरोना के कहर और इकोनॉमी के मोर्चे पर कई नेगेटिव खबरों के बीच मोदी सरकार को महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबरें मिल रही हैं. खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई में भी गिरावट की खबर आई है. सब्जियों के दाम घटने की वजह से थोक महंगाई कम हुई है. थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर फरवरी में घटकर 2.26 प्रतिशत रह गई. यह जनवरी में 3.10 प्रतिशत थी.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी सालाना थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 2019 फरवरी के मुकाबले इस वर्ष फरवरी में थोक महंगाई दर में कमी आई है. पिछले साल 2019 में फरवरी में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति 2.93 प्रतिशत दर्ज की गई थी.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक फरवरी माह के लिए 'भारत में थोक मूल्य सूचकांक सूची' के अपने रिव्यू में मंत्रालय ने कहा, 'पिछले वर्ष की इसी अवधि में 2.75 प्रतिशत की निर्मित दर की तुलना में वित्तीय वर्ष में अब तक मुद्रास्फीति की दर का निर्माण 1.92 प्रतिशत रहा.'

सब्जियों के घटे दाम

खाद्य वस्तुओं, खासतौर से प्याज और अन्य सब्जियों के दाम घटने के कारण बीते महीने थोक महंगाई दर में कमी आई है. खाद्य वस्तुओं के समूह का सूचकांक पिछले महीने के 160.8 से 3.7 फीसदी घटकर फरवरी में 154.9 पर आ गया. फलों, सब्जियों, चाय, अंडे और मक्का समेत अन्य अनाजों के दाम में नरमी रहने के कारण खाद्य वस्तुओं के समूह के सूचकांक गिरावट दर्ज की गई.

खुदरा महंगाई में आई थी गिरावट

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह खुदरा महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के लिए राहत भरी खबर आई. लगातार 7 महीने तक महंगाई दर में इजाफा के बाद फरवरी में गिरावट दर्ज की गई. फरवरी महीने में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम घटने से खुदरा महंगाई दर घटकर 6.58 फीसदी पर आ गई है.

दरअसल 12 मार्च को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई दर जनवरी में 7.59 फीसदी थी, जो फरवरी में घटकर 6.58 फीसदी हो गई. फरवरी में कोर इनफ्लेशन 4.1 फीसदी रहा जो जनवरी में 4.8 फीसदी था. हालांकि फरवरी 2019 में खुदरा महंगाई दर 2.57 फीसदी थी.