घटिया निर्माण कार्य की बहार, बेहोशी में जवाबदार
मंडला
निर्माण कार्यों में मनमानी चरम सीमा पर पहुच गई है। निर्धारित नियम कानून के अनुसार निर्माण कार्यों को पूरा नहीं कराया जा रहा है। कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं जिन्हें भी पूरा करने की कोशिश नहीं की जा रही है। यूं तो लगभग सभी विभागों के माध्यम से मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में निर्माण कार्यों में मनमानी लापरवाही और धांधली की ही जा रही है लेकिन सबसे ज्यादा मनमानी की खबर ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की मिल रही है।
निर्धारित नक्शा के अनुसार काम नहीं कराने की भी खबर मिल रही है। मनमाने तरीके से निर्माण कार्यों को जैसे तैसे कराया जा रहा है। रेत की जगह डस्ट का उपयोग भारी मात्रा में किये जाने की खबरें लगातार मिलने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्टोन क्रेशर की डस्ट का उपयोग निर्माण कार्यों में खुलेआम किया जा रहा है। और डस्ट बिना फिल्टर के उपयोग की जा रही है।
बिल रेत का लगाया जा रहा है। इस तरह की मनमानी की खबर मण्डला जिले की जनपद पंचायत नैनपुर की अधिकांश ग्राम पंचायतों में किये जाने की मिल रही है। यहां पर ग्राम पंचायतों के काम सरपंच सचिव रोजगार सहायक नही बल्कि ठेकेदार करवा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ठेकेदार आला अधिकारियों की सांठ-गांठ से सरपंच सचिवों और रोजगारों से मिली भगत कर निर्माण कार्यों को खुले आम नियम विरूद्ध करा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इन सब में कमीशन का भारी खेल है। अधिकारियों और सरपंच सचिव रोजगार सहायको को कमीशन की भारी रकम मिल रही है। ठेकेदार खुलेआम मनमानी धांधली और लापरवाही कर ग्राम पंचायतों में आवंटित धन की होली खेल रहे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संबंधित एसडीओ और उपयंत्री कभी निर्माणकार्यों का निरीक्षण करने के लिए नहीं जा रहे हैं। ठेकेदारों के भरोसे निर्माण कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। जो सिर्फ गड़बड़ी कर रहे हैं।
जनापेक्षा है पंचायतो में चल रही मनमानी और धांधली पर लगाम लगाई जाए और पंचायतों को ठेकेदारों से मुक्त किया जाए साथ ही रेत की जगह डस्ट का उपयोग न किया जाए और निर्धारित लागत व नक्शानुसार सभी निर्माण कार्यों को पूरा कराते हुए निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच पड़ताल ग्राम पंचायतों सहित सभी विभागों की कराई जावे।
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