सुपोषण के लिए अब स्कूलों में खाली जगहों पर किचन बाग

रायपुर
 स्कूली बच्चों को बेहतर साग-सब्जी मिले इसके लिए अभनपुर के पालोद स्कूल में तीन साल से पहल की जा रही है। यहां बच्चों को ताजी सब्जियों के बाद अब मौसमी फल खाने को मिल रहा है। ग्रामीणों और स्कूल के शिक्षकों की मदद से बच्चों के बेहतर पोषण के लिए लोग स्कूल में बगिया लगा रहे हैं।

कमोबेश सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल डूमरतराई, सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल मांढर , प्राइमरी स्कूल हसदा प्राइमरी स्कूल झांकी व अन्य स्कूलों में भी किचन बाग लगाया गया है। अभनपुर की विकासखंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह का कहना है कि पालोद स्कूल की तर्ज पर अब दूसरे सरकारी स्कूलों में खाली जमीन तलाशी जा रही है।

अभनपुर में सबसे अधिक संभावनाएं

जिला शिक्षा विभाग की ओर से एक साल पहले स्कूलों में खाली जगहों का सर्वे कराया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने सभी विकासखंडों में स्कूलों की खाली जगहों पर बच्चों के पोषण के लिए सब्जियां या फल उगाने के लिए जनभागीदारी की मदद लेने की अपील की थी।


सर्वे के बाद पता अभनपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह ने ज्यादा से ज्यादा जगहों को चिन्हांकित किया है। इस सत्र में इन स्कूलों में बच्चों के मिड डे मील में साग-सब्जी पकाने के लिए सब्जी लगाने की पहल की जा सकती है।

गौरतलब है कि प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए प्रोटीन की मात्रा 20 ग्राम होना चाहिए। इसी तरह प्राइमरी स्तर पर एनर्जी 450 कैलोरी होनी चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों व पहली व दूसरी के बच्चों के पोषण के लिए यह पहल बेहतर हो सकती है। ताजी सब्जियों से पोषण बेहतर हो सकेगा। इसमें विभिन्न तरह के विटामिन्स व मिनरल्स पाये जाते हैं।