हर समय थकान रहना और हड्डियों में दर्द की समस्या विटमिन-डी की कमी

हर समय थकान रहना और हड्डियों में दर्द की समस्या विटमिन-डी  की कमी

 
विटमिन-डी हमारे शरीर को खोखला होने से रोकता है। इस विटमिन का मुख्य कार्य हमारी आंत के अंदर कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाना होता है। हम पहले भी आपको अलग-अलग स्टोरीज में बता चुके हैं कि यदि आपके शरीर में विटमिन-डी की कमी है तो कैल्शियम कितना भी खा लीजिए आपको इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि हमारे शरीर में कैल्शियम का अवशोषण तभी संभव है, जब शरीर के अंदर विटमिन-डी पर्याप्त मात्रा में हो।


- यह बात पूरी तरह साफ है कि विटमिन-डी ही कैल्शियम को अवशोषित करने में सहायक है। लेकिन हमारे शरीर के अंदर कैल्शियम का अवशोषण दो तरीके से होता है। पहला तरीका है, सक्रिय ट्रांससेलुलर मार्ग (active transcellular pathway) और दूसरा तरीका है, निष्क्रिय पैरासेलुलर मार्ग (passive paracellular pathway)

-पहले तरीके में कैल्शियम का अवशोषण ऊर्जा पर निर्भर करता है और दूसरे तरीके में शरीर के कुछ खास हिस्सों में दबाव पर निर्भर करता है। इन हिस्सों को टाइट जंक्शन के रूप में जाना जाता है।


विटमिन-डी की ऐक्टिव फॉर्म
-आपको बता दें कि विटमिन-डी अनेक प्रकार का होता है। लेकिन इसके दो मुख्य प्रकार हैं जो ह्यूमन लाइफ पर अधिक प्रभाव रखते हैं। इनमें विटमिन-डी 2 और विटमिन-डी 3 शामिल हैं। विटमिन-डी 3, विटमिन-डी की ऐक्टिव फॉर्म है। जबकि विटमिन-डी 2 निष्क्रिया रूप से कार्य करता है।

-हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि विटमिन-डी का मुख्य काम शरीर के अंदर आंतों के माध्यम से कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाना है। कैल्शियम अवशोषण का जो पहला तरीका है, उसमें पूरी आंत के माध्यम से कैल्शियम को अवशोषित करने का कार्य किया जाता है।

-इस कार्य में ल्यूमिनल इलेक्ट्रोकेमिकल्स ढाल की तरह सहायता करते हैं। हालांकि एक तरफ जहां बड़ी आंत में पूरी आंत के माध्यम से कैल्शियम के अवशोषण का कार्य होता है, वहीं कैल्शियम की सबसे अधिक मात्रा का अवशोषण छोटी आंत के निचले खंड के माध्यम से होता है। छोटी आंत के इस निचले हिस्से को इलियम (ileum)कहते हैं।


-कैल्शियम और विटमिन-डी के बारे में आपको दो बातें खासतौर पर पता होनी चाहिए। एक तो यह कि आप जितना भी कैल्शियम अपने भोजन के माध्यम से लेते हैं, वह सारा आपके शरीर में अब्जॉर्व नहीं होता है।

-दूसरी बात विटमिन-डी से संबंधित है और वह यह है कि विटमिन-डी बहुत कम भोज्य पदार्थों से प्राप्त होता है। साथ ही इसका स्तर शरीर के अंदर लगातार घटता और बढ़ता रहता है। इसलिए आमतौर पर पूरी दुनिया के लोग इस विटमिन की कमी से जूझते हैं।

-ऐसे में शरीर की अंदर विटमिन-डी की कमी कैल्शियम की कमी की एक बड़ी वजह बन जाती है। क्योंकि शरीर में विटमिन-डी मात्रा जितनी कम होगी, कैल्शियम का अब्जॉर्बशन भी उतना ही कम होगा।