42 फर्जी जाति प्रमाण पत्र किए गए निरस्त ,पूर्व सीएम अजीत जोगी भी शामिल
रायपुर
छत्तीसगढ़ में गठित उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी सहित 42 लोगों के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाया है। फरवरी 2019 से अगस्त 2019 तक की विभिन्न् तिथियों में समिति ने 213 प्रकरणों में सुनवाई की। समिति ने विचार करने के बाद 96 प्रकरणों में आदेश पारित किए गए हैं।
इनमें विभिन्न् विभागों के 42 व्यक्तियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी या गलत पाए जाने के फलस्वरूप निरस्त किए गए। 25 व्यक्तियों के जाति प्रमाण पत्र सही पाए गए। 19 व्यक्तियों के प्रकरणों में मृत्यु होने के कारण जांच को बंद कर दिया गया है।
उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा छह कृषि विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। तीन जनप्रतिनिधियों के जाति प्रमाण पत्र को भी निरस्त किया गया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी शामिल हैं। हालांकि विधायक अमित जोगी की जाति पर अभी कोई निर्णय पारित नहीं हुआ है।
इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग का एक, पशु चिकित्सा विभाग के चार, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के दो, राजस्व विभाग का एक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तीन, तकनीकी शिक्षा विभाग के एक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के दो, जल संसाधन, लोक अभियोजन (गृह विभाग), लोक निर्माण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, उद्यानिकी, वन, नगरीय प्रशासन, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, उद्योग विभाग, भारतीय जीवन बीमा निगम और भिलाई स्टील प्लांट के एक-एक प्रकरण निरस्त किए गए। दो अन्य प्रकरण भी निरस्त किए गए हैं।
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