CM भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ शुरू, गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम पारित होने पर गुरु घरों में टेकेंगे मत्था

CM भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ शुरू, गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम पारित होने पर गुरु घरों में टेकेंगे मत्था

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर रहेंगे। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पंजाब के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोगों और संगत से संवाद भी करेंगे। सरकार के मुताबिक यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर अरदास के साथ-साथ जनता से सीधा जुड़ाव भी है।

तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी यात्रा की शुरुआत

‘शुकराना यात्रा’ की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास करने के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे और श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे।

यात्रा के पहले दिन का कार्यक्रम प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री की ओर से यहां अरदास कर प्रदेश की संगत के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा।

7 मई को तलवंडी साबो और फरीदकोट पहुंचेंगे CM

यात्रा के दूसरे दिन यानी 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे। यहां वे तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा।

स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के मुताबिक फरीदकोट में मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे स्थानीय संगत एवं लोगों से संवाद करेंगे। यात्रा को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।

8 मई को मस्तुआना साहिब और पटियाला पहुंचेंगे

8 मई को मुख्यमंत्री मस्तुआना साहिब पहुंचेंगे, जहां वे दर्शन और अरदास करेंगे। इसके बाद वे पटियाला के लिए रवाना होंगे।

पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां मुख्यमंत्री अरदास करने के साथ लोगों और संगत से मुलाकात करेंगे।

9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा समापन

चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व वाले इस धार्मिक स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास के बाद यात्रा का समापन करेंगे।

यात्रा के दौरान अलग-अलग शहरों और कस्बों में स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की संभावना है। प्रशासन ने यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। यात्रा मार्ग पर यातायात को सुचारू रखने के लिए जरूरत के अनुसार ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की जा सकती है।

धार्मिक यात्रा के साथ जनता से संवाद पर भी जोर

पंजाब सरकार के अनुसार ‘शुकराना यात्रा’ केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह लोगों से सीधे संवाद का माध्यम भी बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर लोगों और संगत की समस्याएं सुन सकते हैं।

इस दौरान सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनता के साथ सीधे संपर्क को भी मजबूत करने की कोशिश करेंगे।