चुनाव लड़ना टाला है, बंद नहीं किया, आगामी लोक सभा चुनाव जरूर लडूंगी: उमा भारती
लाड़ली बहनों को एक-एक गाय दी जाए
गंगा और गौ संवर्धन का काम चलता रहेगा और इसमें आम जनता को अपना योगदान देना होगा
भोपाल । मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की तेजतर्रार नेता साध्वी उमा श्रीभारती ने एक बार फिर एलान किया है । राजधानी भोपाल के अयोध्या नगर दशहरा मैदान में बुधवार को गौ संरक्षण अभियान के कार्यक्रम में एक वृहद जन सभा का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में समर्थक पहुंचे। गौ संरक्षण की इस वृहद जन सभा को राजनीतिक गलियारों में साध्वी उमा भारती का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
साध्वी उमा भारती ने बीते दिनों ही लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। गौ संवर्धन संकल्प सभा के मंच से उमा भारती ने पुनः ऐलान किया है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना टाला है, बंद नहीं किया है। एक बार फिर झांसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। इस अवसर पर आयोजित सभा में हजारों की तादाद में लोग एकत्र हुये थे। गौर करने वाली बात यह है कि इस सभा में लोधी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, इनमें संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी और पूर्व मंत्री दीपक जोशी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।
4 नवंबर से फिर चलेगा गंगा का अभियान
उमा भारती ने कहा कि जब तक देश में गौ संवर्धन नहीं होगा और गंगा निर्मल नहीं होगी, तब तक राम का काम अधूरा है। अगले माह 4 नवंबर से प्रयागराज में गंगा का अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गौ-गंगा संवर्धन का काम अपने हाथों से पूरा करने की अपील की है। राम का काम अब गौ संवर्धन अभियान पर केंद्रित है। गाय सेकुलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) के चक्कर में नहीं बच पा रही है, क्योंकि गाय की बात रखने पर मुसलमानों के नाराज होने का डर रहता है।
लाड़ली बहनों को दी जाए एक-एक गाय
इस अवसर पर दीदी उमा भारती ने कहा कि गंगा और गौ संवर्धन का काम चलता रहेगा और इसमें आम जनता को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि लाड़ली बहनों को एक-एक गाय दी जाए। शहरों में कुत्ता-बिल्ली रखने की इजाजत है, लेकिन गाय रखने की नहीं।
हाईवे पर फेंसिंग, बंजर जमीन पर चारागाह
साध्वी ने सरकार को सुझाव दिया कि हाईवे रोड पर फेंसिंग होनी चाहिए और पीछे चारागाह बनाए जाने चाहिए ताकि गायें सड़क पर न आएं। बंजर जमीन पर नए गोचर (चारागाह) भी बनाए जाने चाहिए।
उमा भारती ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी, जिसके के बाद नई शराब नीति बनी और प्रदेश से अहाते खत्म हुए। नई दुकानें नहीं खुलीं। अब प्रदेश से शराब की दुकानें पूरी तरह खत्म करने की मांग की। प्रदेश की महिलाओं से काली बनकर दुकानों को खत्म करने का आह्वान किया।
इन दिनों ‘सेल्फी राजनीति’ का दौर है
साध्वी ने कहा कि सरकार में रहकर काम करना अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि वह सांसद होने का अनादर नहीं करतीं। बीजेपी में शामिल होते ही वह गंगा के काम में लग गई थीं। उमा भारती ने बीजेपी के कुछ छोटे नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजकल ‘सेल्फी वाली राजनीति’ का दौर है।साध्वी के इस बयान को आजके दौर के युवा नेताओं पर तंज माना जा रहा है। दरअसल इन दिनों सेल्फी का दौर राजनीति में इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि जमीनी सच्चाई से दूर होते जा रहे हैं लोग। ऐसे में तो आम आदमी शासन से अपने आपको दूर ही महसूस करेगा।
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