हनुमानगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार का इनामी हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर फान 5 साथियों संग गिरफ्तार, 6 अवैध हथियार और 10 कारतूस बरामद

हनुमानगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार का इनामी हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर फान 5 साथियों संग गिरफ्तार, 6 अवैध हथियार और 10 कारतूस बरामद

कुछ दिन पूर्व ही इरफान फान सिंडिकेट की 3 करोड़ रुपये से अधिक की नशे से कमाई संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट के तहत किया गया था फ्रीज

जयपुर। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार हनुमानगढ़ जिले में गंभीर अपराधों और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना टाउन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग के मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर इरफान खान उर्फ फान सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, पांच देशी कट्टे सहित कुल 6 अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।

     जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम देने के लिए हनुमानगढ़ टाउन थाना, लखुवाली चौकी, शेरगढ़ चौकी, एजीटीएफ हनुमानगढ़, डीएसटी सेक्टर हनुमानगढ़ और सेक्टर नोहर सहित 10 अलग-अलग टीमें गठित की थी। इन टीमों ने हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और टोल नाकों की फुटेज खंगाली, दर्जनों संदिग्धों से पूछताछ की तथा आरोपियों के संभावित रूट का मैप तैयार कर लगातार दबिश दी। घटना के तत्काल बाद ए-श्रेणी की नाकाबंदी के साथ ड्रोन की मदद से खेतों और संभावित बीहड़ क्षेत्रों में भी आरोपियों की तलाश की गई।

 फायरिंग के बाद फरार हुआ था इरफान

 घटना के अनुसार 17 अगस्त को लखुवाली गांव में परिवादी जुमे खां निवासी लखूवाली हैड की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने गाड़ी के शीशे पर लाठी मारी और फायरिंग की। इसके बाद लखुवाली तिराहे के पास दोबारा गाड़ी रोककर परिवादी एवं उसके साथियों पर जान से मारने की नीयत से फायर किए गए। मामले में थाना हनुमानगढ़ टाउन पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।

     घटना के बाद मुख्य आरोपी इरफान खान उर्फ फान फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर बीकानेर रेंज महानिरीक्षक पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
नाकाबंदी में मोटरसाइकिल से गिरा, हथियारों समेत दबोचा
गत 30-31 अगस्त की मध्यरात्रि में हनुमानगढ़ टाउन पुलिस टीम शेरगढ़ चौकी के पास मेगा हाईवे पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि इरफान खान मोटरसाइकिल से भाग रहा है। पुलिस टीम ने चक 22 एनडीआर क्षेत्र में संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने दिशा बदलकर भागने की कोशिश की। हड़बड़ाहट में मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक गिर गए।
पुलिस ने इरफान खान उर्फ फान और उसके साथी प्रियकांत उर्फ टोनी ताखर को पकड़ लिया। तलाशी में उनके कब्जे से 32 बोर की एक पिस्टल, एक देशी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में अन्य साथियों के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर जुमे खां, जुम्मे खां, इब्राहिम और नदीम खान को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से पांच देशी कट्टे और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए।
कार्रवाई में कुल 6 हथियार एक 32 बोर पिस्टल, दो 12 बोर, दो 315 बोर और एक 410 बोर देशी कट्टा तथा 10 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। इरफान और प्रियकांत पुलिस से बचकर भागने के दौरान मोटरसाइकिल से गिरने के कारण घायल हो गए और उपचाराधीन हैं।
नशा तस्करी से जुड़ा बड़ा नेटवर्क
इरफान खान उर्फ फान अव्वल दर्जे का बदमाश और नशा तस्कर है। वह अपने परिवार के साथ मिलकर नशा तस्करी का सिंडिकेट संचालित करता था। कुछ दिन पूर्व ही इरफान खान, उसकी मां जैबा बीबी और सास सहजादा बीबी उर्फ साजिया द्वारा नशा तस्करी से अर्जित 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत फ्रीज की गई थी।
इरफान के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में 42 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जबकि उसके पूरे परिवार के खिलाफ करीब 100 प्रकरण दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

आरोपियों का लंबा आपराधिक रेकार्ड

गिरफ्तार प्रियकांत उर्फ टोनी ताखर निवासी लालगढ़ जिला श्रीगंगानगर के खिलाफ श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और मारपीट सहित करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। जुमे खां पुत्र बरकत अली हनुमानगढ़ टाउन थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हनुमानगढ़, बीकानेर, गंगानगर तथा सिरसा में चोरी और मारपीट सहित करीब दो दर्जन मामले दर्ज बताए गए हैं।

इसी प्रकार इब्राहिम के खिलाफ चोरी, मारपीट, संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट सहित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से बरामद हथियारों के स्रोत और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।

नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस का फोकस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। अनुसंधान में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी संख्या में अवैध हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे, हथियारों की सप्लाई कौन कर रहा था और फायरिंग एवं नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीमों की सराहना की। कार्रवाई में एजीटीएफ हनुमानगढ़ के कांस्टेबल अरविन्द सिंह और लखुवाली चौकी के कांस्टेबल राकेश कुमार की विशेष भूमिका रही।