राजस्थान में अब तक 44 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण
जयपुर। पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को शासन सचिवालय में पशुपालन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। मोबाइल वेटनरी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुमावत ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 19 लाख 49 हजार पशुपालकों के 68 लाख 33 हजार पशुधनों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इसमें से 16 लाख 80 हजार पशुधन को '1962' टोल-फ्री नंबर पर मिली कॉल के आधार पर घर बैठे मोबाइल वेटनरी यूनिट से इलाज मिला है। लाभार्थियों से मिले फीडबैक में 98% ने सेवाओं को अच्छा बताया है।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कुमावत ने कहा कि योजना के तहत 02 नवंबर 2026 तक कुल 44 लाख 08 हजार 174 पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें से 30 लाख 29 हजार 639 पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और 27 लाख 56 हजार 103 पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है। मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को जल्द पूरा करने, लंबित दावों के तुरंत भुगतान और लापरवाही बरतने वाले संयुक्त निदेशकों को चार्जशीट देने के निर्देश दिए।
सेक्स सोर्टेड सीमन योजना (कृत्रिम गर्भाधान - AI) की समीक्षा करते हुए कुमावत ने कहा कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अव्वल बनाने के लिए गाय व भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान (AI) को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। विगत दो वर्षों में 10 लाख 57 हजार पशुओं का एआई किया जा चुका है और आगामी वर्ष के लिए 9 लाख डोजेज खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।
अकालग्रस्त क्षेत्रों के लिए राहत संबंधी समीक्षा करते हुए कुमावत ने कहा कि जोधपुर और उदयपुर संभाग के कम बारिश के कारण अकालग्रस्त घोषित जिलों में चारा डिपो खोलकर पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में नाबार्ड या अन्य योजनाओं के बजट से पशु चिकित्सा उप केंद्रों के नए भवनों के निर्माण पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीणा, आरएलडीबी के मैनेजर डॉ प्रीतपाल कालरा, उपनिदेशक हेमंत पंत, नोडल एमवीयू डॉ. प्रदीप शर्मा, नोडल हेल्थ डॉ आलोक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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