स्थानीय उद्योगों को मजबूती देती है, राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद नीति- 2024

स्थानीय उद्योगों को मजबूती देती है, राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद नीति- 2024

जयपुर। प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्योगों को मज़बूत करने और पूरे राज्य में रोज़गार के स्थाई अवसर पैदा करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक जिला एक उत्पाद नीति- 2024  लागू की है। 
इस योजना को लागू कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की विशिष्ट पहल की है। राज्य के सभी 41 ज़िलों के उत्पादों की पहचान इस नीति के तहत कर ली गई है।

यह नीति उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादकों के लिए बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने और प्रौद्योगिकी अपनाने तथा ब्रांडिंग और बुनियादी ढाँचे के माध्यम से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयास करती है। इस नीति को लागू करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश गत वर्ष 19 फरवरी को जारी किए गए।

उद्योग और वाणिज्य विभाग के  आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद नीति- 2024 राज्य में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देती है। वित्तीय सहायता के साथ ही प्रौद्योगिकी और बाज़ार तक पहुँच प्रदान कर हम ज़िला स्तर के उद्यमियों को आगे बढ़ाने और उन्हें अन्य उद्यमियों से अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाने में मदद कर रहे हैं।

यह नीति ज़िला-स्तरीय उद्यमों को मज़बूत करने के लिए संरचित वित्तीय और संस्थागत सहायता प्रदान करती है, जिसमें नए सूक्ष्म उद्यमों के लिए 15 लाख रुपये तक, 25 प्रतिशत और छोटे उद्यमों के लिए योग्य परियोजना लागत पर 20 लाख रुपये तक, 15 प्रतिशत की कैपिटल सब्सिडी दी जाती है। 
यह नीति राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए भी उद्यमियों को सहायता प्रदान करती है। इसके तहत स्टॉल का किराया और 2 लाख रुपये तक की यात्रा सहायता दी जाती है और सामान्य सुविधा केंद्रों की स्थापना के माध्यम से क्लस्टर विकास में सहयोग दिया जाता है। 

यह नीति राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्रों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर किए गए खर्चों के लिए 3 लाख रुपये तक, 75 प्रतिशत पुनर्भरण प्रदान करती है, साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शामिल होने के लिए दो साल तक प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक, 75 प्रतिशत पुनर्भरण भी प्रदान करती है।  टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति के तहत मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय संस्थानों से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी या सॉफ्टवेयर खरीद पर 5 लाख रुपये तक , 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। यह नीति कैटलॉगिंग सेवाओं और  ई-कॉमर्स वेबसाइटों के डेवलपमेंट के लिए  60 प्रतिशत और अधिकतम 75 हजार तक सहायता देकर डिजिटल मार्केट के विस्तार में सहयोग देती है, जिसका मकसद स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धा, मार्केट तक पहुंच और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ाना है।

वित्तीय प्रोत्साहन, टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट और मार्केट विस्तार जैसे उपायों के माध्यम से राजस्थान की एक जिला एक नीति   2024 जिला स्तर के उद्योगों को सस्टेनेबल ग्रोथ के इंजन में बदलने के लिए तैयार है। स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाकर, यह नीति न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और शिल्प विरासत को संरक्षित करती है, बल्कि राज्य को आर्थिक मजबूती भी देती है। जैसे-जैसे राजस्थान स्थानीय पहचान पर आधारित प्रतिस्पर्धी मार्केट के लिए तैयार उत्पाद बनाता जाएगा, एक जिला एक उत्पाद फ्रेमवर्क भारत के भीतर और वैश्विक मंच पर उद्यमियों को नए अवसर प्रदान करता जाएगा।