राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर पर विशेष: दुग्ध उत्पादन में अग्रणी मध्यप्रदेश
भोपाल, दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां दुग्ध उत्पादक किसान न केवल बड़ी मात्रा में दूध का उत्पादन कर रहे हैं, अपितु दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के विक्रय से अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं। भारत का नौ प्रतिशत दुग्ध उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि प्रदेश का दुग्ध उत्पादन, देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 20% तक पहुंचे। मध्यप्रदेश दुग्ध संघ का सांची ब्रांड वाजिब दामों में उच्च गुणवत्ता युक्त नए-नए दुग्ध एवं अन्य उत्पाद बाजार में ला रहा है, जिससे सदस्य किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है। प्रदेश में कृषि को लाभ का धंधा बनाने में दुग्ध उत्पादन का भी महत्वपूर्ण स्थान है।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल ने बताया कि भारत में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। प्रदेश में 591 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति दुग्ध की उपलब्धता 644 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 459 ग्राम प्रतिदिन का है। प्रदेश में 7.5% पशुधन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 5.05 प्रतिशत का है। वर्ष 2019 की पशु संगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में गौ-वंश पशु संख्या देश में तीसरे स्थान पर 187.50 लाख है, वही भैंस वंश पशु संख्या चौथे स्थान पर 103.5 लाख है। प्रदेश में पशुओं के उपचार के लिए चलित पशु चिकित्सा वाहन (1962) संचालित है, जो कि स्थान पर जाकर पशुओं का इलाज करते हैं।
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। प्रदेश ने 240.47 लाख गौवंशी एवं भैंस पशुओं का टीकाकरण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से गायों के नस्ल सुधार कार्यक्रम में प्रदेश में अच्छा कार्य हो रहा है। पशुपालकों से मात्र 100 रुपए के शुल्क पर गायों का नस्ल सुधार किया जाता है। इससे पशुपालकों को अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
bhavtarini.com@gmail.com 