सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पहल लाई रंग

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पहल लाई रंग

12 जनवरी से 15 फरवरी तक प्रदेश भर में संचालित शिविरों में जारी किए गए पहचान पत्र 

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में 12 जनवरी से 15 फरवरी तक संचालित शिविरों में घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु (डीएनटी) समुदाय के 12 हजार 455 व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए गए।
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिक मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उनके उत्थान और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगभग एक महीने के शिविर सभी जिलों में संचालित किए गए। शिविरों में कुल 17 हजार 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका परीक्षण कर 12 हजार 455 व्यक्तियों को शिविरों में पहचान पत्र जारी कर दिए गए। शेष का परीक्षण किया जा रहा है और प्रक्रियाधीन है।
गहलोत ने बताया कि प्रदेश में सर्वाधिक गंगानगर जिले में 1884, पाली में 1286, बीकानेर में 1263, अजमेर में 1006, अलवर में 969 समुदाय के लोगों को पहचान पत्र जारी किए गए। उन्होंने बताया कि शिविरों में ई-मित्र के माध्यम से निःशुल्क आवेदन की सुविधा प्रदान की गई थी। साथ ही अधिकारियों को मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र एवं मूल निवास प्रमाण पत्र आदि बनवाकर मदद के लिए भी नियोजित किया गया था।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से समुदाय के अधिकाधिक व्यक्तियों को राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का उद्देश्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया सतत जारी रखी जाएगी, ताकि समुदाय सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उठा सके।